

आंदोलन से नहीं, समाज के आपसी विचार से समाधान निकलता है. लॉर्ड कर्झन ने बंगाल का विभाजन किया, समाज को तोड़ने के लिए, लेकिन एकता से समाज जाग गया. उसी से वंदे मातरम् आया, विभाजन वापस लेना पड़ा. सांप्रदायिक कट्टरता आई, अंग्रेज हमें बांटने के लिए बैठे थे. हमारा विभाजन हो गया. पहले अखंड भारत के जो अंग थे, उनमें आज भी कलह है.





