धर्म

Kalashtami 2026: वक्री शनि कर रहे हैं परेशान, तो कालाष्टमी पर कर लें सरसों के तेल का ये उपाय, शनि देव होंगे शांत


शनि वक्री होकर अधिक कष्ट दे रहे हों, साढ़ेसाती, ढैय्या या अशुभ प्रभाव चल रहा हो, तो कालाष्टमी पर काल भैरव की पूजा जरुर करें. मान्यता है काल भैरव की पूजा से शनि शांत होते हैं, क्योंकि ये शिव का ही स्वरूप हैं और शिव शनि देव के गुरु.

शनि वक्री होकर अधिक कष्ट दे रहे हों, साढ़ेसाती, ढैय्या या अशुभ प्रभाव चल रहा हो, तो कालाष्टमी पर काल भैरव की पूजा जरुर करें. मान्यता है काल भैरव की पूजा से शनि शांत होते हैं, क्योंकि ये शिव का ही स्वरूप हैं और शिव शनि देव के गुरु.

कालाष्टमी की शाम काल भैरव मंदिर या पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. शनि देव या काल भैरव के मंत्रों का जाप करें, कहते हैं इससे नौकरी, व्यापार और पारिवारिक संबंधी समस्याएं समाप्त होती है.

कालाष्टमी की शाम काल भैरव मंदिर या पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. शनि देव या काल भैरव के मंत्रों का जाप करें, कहते हैं इससे नौकरी, व्यापार और पारिवारिक संबंधी समस्याएं समाप्त होती है.

शनि की वक्री अवस्था में साढ़ेसाती और ढैय्या वाली राशियों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है. ऐसे में आर्थिक रूप से तंगी छाई है तो कालाष्टमी पर भगवान काल भैरव का ध्यान करते हुए शिव दारिद्र्यदहन स्तोत्र का पाठ करें. मान्यता है इससे दरिद्रता दूर होती है.

शनि की वक्री अवस्था में साढ़ेसाती और ढैय्या वाली राशियों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है. ऐसे में आर्थिक रूप से तंगी छाई है तो कालाष्टमी पर भगवान काल भैरव का ध्यान करते हुए शिव दारिद्र्यदहन स्तोत्र का पाठ करें. मान्यता है इससे दरिद्रता दूर होती है.

कानूनी विवाद चल रहा है या शत्रु तंग कर रहा है तो कालाष्टमी पर नारियल, गेरुआ सिंदूर, इमरती और पान बाबा भैरव को चढ़ाएं और ॐ तीक्ष्णदन्त महाकाय कल्पान्तदहनोपम। भैरवाय नमस्तुभ्यं अनुज्ञां दातुमर्हसि॥ ये मंत्र जपें. न्यायिक मामलों में राहत मिलती है.

कानूनी विवाद चल रहा है या शत्रु तंग कर रहा है तो कालाष्टमी पर नारियल, गेरुआ सिंदूर, इमरती और पान बाबा भैरव को चढ़ाएं और ॐ तीक्ष्णदन्त महाकाय कल्पान्तदहनोपम। भैरवाय नमस्तुभ्यं अनुज्ञां दातुमर्हसि॥ ये मंत्र जपें. न्यायिक मामलों में राहत मिलती है.

जो लोग अज्ञात भय, मानसिक अशांति या बार-बार आने वाले बुरे सपनों से परेशान रहते हैं, उन्हें कालाष्टमी पर 'ॐ कालभैरवाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए.

जो लोग अज्ञात भय, मानसिक अशांति या बार-बार आने वाले बुरे सपनों से परेशान रहते हैं, उन्हें कालाष्टमी पर ‘ॐ कालभैरवाय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए.

शनि जब दूषित हों तो सावन की कालाष्टमी पर आप काल भैरव को काले तिल चढ़ाएं और अपनी मनोकामना कहें. मान्यता ये उपाय रुके हुए कार्य को गति प्रदान करता है.

शनि जब दूषित हों तो सावन की कालाष्टमी पर आप काल भैरव को काले तिल चढ़ाएं और अपनी मनोकामना कहें. मान्यता ये उपाय रुके हुए कार्य को गति प्रदान करता है.

Published at : 05 Aug 2026 08:08 AM (IST)

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