

एक्टर और सिंगर पीयूष मिश्रा रांची में छात्र आंदोलन में पहुंचे. उन्होंने कहा, “आज आप सभी से बातचीत करना सच में बहुत मजेदार रहा. इसीलिए मैं आज फिर यहां आया हूं. सरकार को शासन करना है. इसीलिए वे सावधानी से काम करते हैं. वे शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं. आप सभी को शांति बनाए रखनी चाहिए. गाली-गलौज न करें. मैं थोड़ा पुराने ख्यालों का हूं, इसलिए मुझे गाली-गलौज बर्दाश्त नहीं होती. मेरे दो बेटे हैं जो Gen Zs हैं. वे बहुत पॉलिटिकली अवेयर हैं.”
#WATCH | Ranchi, Jharkhand: Actor and Singer Piyush Mishra says, “…Interacting with you all today has been truly enjoyable. That’s why I came here again today… Government has to govern. That’s why they proceed with caution… They are trying to maintain peace… You all… pic.twitter.com/PYwvVdgy06
— ANI (@ANI) August 9, 2026
उन्होंने कहा, “मैं प्रदर्शन शामिल स्टूडेंट्स के खिलाफ नहीं हूं. वे आखिर स्टूडेंट्स ही थे, लेकिन वहां (जंतर-मंतर) जो हुआ, उस पर जरूर सोचना चाहिए. CJP प्रोटेस्ट के दौरान, नसीर साहब (वेटरन एक्टर नसीरुद्दीन शाह) ने कहा था कि उस आंदोलन के दौरान फिल्म इंडस्ट्री कुछ नहीं बोल रही थी. उन्होंने कहा, ‘जिनके मुँह में हड्डी होती है, वे बोल नहीं सकते.’ नसीर साहब, मुझे माफ कर दीजिए, मैं यह बात बहुत इज्जत से कह रहा हूं, लेकिन मैं पूछना चाहता हूं. अभी मुंह में हड्डी दबाए ये ‘कुत्ते’ कौन हैं? यहां हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट और दिल्ली और मुंबई में हुए प्रोटेस्ट में फर्क यह है कि इन लोगों ने पिज्जा या बर्गर नहीं खाया; उन्होंने अपनी लड़ाई लड़ते हुए ‘दाल-भात’ खाया. क्या आप लोग सिर्फ इसलिए चुप रहे क्योंकि आपको पिज्जा और बर्गर खाने का मन कर रहा था या उस खास भीड़ की वजह से जिसका आप हिस्सा थे? मुझे माफ कर दीजिए, नसीर-साहब; मैं आपकी बहुत इज्जत करता हूं, लेकिन अब मुझे आपसे डर नहीं लगता.”





