
नोएडा:
नोएडा-गाजियाबाद–कानपुर एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क ग्रिड का नया नगीना साबित होने वाला है. ये वेस्ट यूपी को अवध क्षेत्र के बड़े शहर कानपुर से जोड़ेगा. यह 4 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है, जिसे आगे 6 लेन तक बढ़ाया जा सकता है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इसका निर्माण करवा रहा है. इससे दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से कानपुर की यात्रा अभी 7 से 8 घंटे की बजाय 4 से 5 घंटे में पूरी हो जाएगी.गाजियाबाद, नोएडा के समानांतर नेशनल हाईवे 24 जो अब NH-9 के नाम से जाना जाता है, वहां दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से इसकी शुरुआत होगी.कानपुर में इसे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे से से कनेक्ट किया जाएगा. ऐसे में नोएडा, गाजियाबाद से सीधे लखनऊ तक सफर हो सकेगा.
- 380 किलोमीटर लंबाई एक्सप्रेसवे की
- 4 लेन का एक्सप्रेसवे
- 15 हजार करोड़ अनुमानित लागत
गाजियाबाद-कानपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
1. गाजियाबाद (NH-9)
2. नोएडा, ग्रेटर नोएडा
3. हापुड़
4. बुलंदशहर
5. अलीगढ़
6. कासगंज
7. फर्रूखाबाद
8. कन्नौज
9. उन्नाव, कानपुर
एक्सप्रेसवे से लिंक
नोएडा एयरपोर्ट से लिंक
1. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की भारतमाला परियोजना में नोएडा-गाजियाबाद–कानपुर एक्सप्रेसवे को जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कनेक्ट किया जाएगा. सिकंदराबाद बुलंदशहर और यमुना एक्सप्रेसवे के जरिये जेवर एयरपोर्ट के यात्रियों को इस एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी मिलेगी.
गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्ट
2. गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक है और ये फर्रूखाबाद और कन्नौज से भी गुजरता है. यही पर निर्माणाधीन गाजियाबाद, नोएडा कानपुर एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से इंटरनेक्ट किया जाएगा. इससे प्रयागराज तक और वहां से विंध्य एक्सप्रेसवे के जरिये बुंदेलखंड तक रास्ता खुलेगा.
लखनऊ से पूर्वांचल तक रास्ते खुलेंगे
3. कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे से ये ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे कनेक्ट होगा और वहां से लखनऊ-गाजीपुर के बीच पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी जुड़ जाएगा. ऐसे में दिल्ली-एनसीआर से सीधा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे और उसके आगे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक कनेक्टिविटी मिलेगी.पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के आगे लिंक एक्सप्रेसवे के जरिये गोरखपुर-सिलीगुड़ी और गोरखपुर-शामली जैसे बड़े एक्सप्रेसवे से भी इंटरलिंक हो जाएगा.

ट्रैफिक जाम से राहत
अभी दिल्ली-एनसीआर से कानपुर के रास्ते यात्रियों को NH-9 पर भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है. गाजियाबाद-कानपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनने के साथ NH-9 और यमुना एक्सप्रेसवे पर दबाव घटेगा.अलीगढ़, बुलंदशहर, कन्नौज और कानपुर जैसे इंडस्ट्रियल और व्यापारिक शहरों के बीच माल ढुलाई तेज और आसान हो जाएगी.पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य यूपी के कृषि उत्पादों, अनाज मंडियों, फूड प्रोसेसिंग केंद्रों के आसपास नए लॉजिस्टिक्स पार्क, कोल्ड स्टोरेज और आवासीय परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा.
The 380-km Ghaziabad-Kanpur Expressway is set to transform Uttar Pradesh’s road network! Being developed under the Green Highway Policy, it will cut travel time to 5.5 hours, easing congestion and boosting economic growth. Connecting Noida, Ghaziabad, and Kanpur, the expressway…
— INVEST UP (@_InvestUP) April 1, 2025
इस एक्सप्रेसवे के लिए रूट अलायनमेंट के साथ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है.
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