
मध्य प्रदेश के इंदौर में गांधी नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. जहां गांधी नगर इलाके में क्षेत्र के ‘सांवरिया रेस्टोरेंट’ पर नकली नोट चलाते हुए एक आरोपी रंगे हाथों पकड़ा गया. पुलिस ने उसकी निशानदेही पर गिरोह के दो अन्य सदस्यों, जय वैष्णव और रवि चौधरी को भी गिरफ्तार किया है.
आरोपियों के पास से 200 रुपये के 424नकली नोट यानि कुल चौरासी हजार और कलर्ड प्रिंटर जब्त किए गए हैं. आरोपियों ने नकली नोट छपने का तरीका ऑनलाइन सीखा था.
रेस्टोरेंट संचालक को हुआ शक
एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के मुताबिक, मुख्य आरोपी दीपक पटेल गांधी नगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सांवरिया रेस्टोरेंट पर चाय-नाश्ता करने पहुंचा था. वहां उसने दुकानदार को 200 रुपये का एक नोट दिया. दुकानदार को नोट की बनावट देखकर संदेह हुआ, जिसके बाद दोनों के बीच थोड़ा विवाद भी हुआ. दुकानदार ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत पुलिस को मामले की सूचना दी.
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सूचना मिलते ही गांधी नगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दीपक पटेल को हिरासत में ले लिया. पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि नोट नकली था. तलाशी लेने पर उसके पास से कुछ और नकली नोट भी बरामद हुए.
पूछताछ में दो और नाम आए सामने
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जब उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो इस गिरोह के दो अन्य साथियों जय वैष्णव और रवि चौधरी के नाम भी सामने आए, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. ये आरोपी उच्च गुणवत्ता वाले पेपर और कलर्ड प्रिंटर की मदद से बड़ी सफाई से 200-200 रुपये के नकली नोट छापते थे. फिर उन्हें अच्छी तरह से कटिंग करके बाहरी और स्थानीय दुकानों पर छोटे-मोटे लेन-देन में खपाते थे.
पुलिस ने इनके पास से 200 रुपये के 424 नकली नोट कुल 84,000 रुपये और एक तरफ से प्रिंट किए गए 500 रुपये के नोट जब्त किए हैं. पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने नकली नोट छापने का यह तरीका ऑनलाइन और मीडिया में आई खबरों से सीखा था. फिलहाल मामले की आगे की जांच की जा रही है.