
हिमाचल प्रदेश में पार्टी को जमीनी स्तर पर और अधिक मज़बूत बनाए जाने के लिए 2 जुलाई से कांग्रेस का प्रदेशव्यापी संगठन विस्तार अभियान शुरू किया जा रहा है. इस अहम राजनीतिक घटनाक्रम की जानकारी कांग्रेस महासचिव (संगठन) विनोद ज़िंटा की ओर से शिमला में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में दी गई. उनकी ओर से दावा किया गया है कि सत्ता पक्ष से असंतुष्ट बड़ी संख्या में लोगों को इस अभियान के तहत कांग्रेस से जोड़ा जाएगा.
पत्रकार वार्ता में स्पष्ट किया गया कि इस अभियान के पहले चरण को 2 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाया जाएगा. इसकी शुरुआत प्रदेश स्तर से की जाएगी और बाद में इसे धीरे-धीरे ब्लॉक स्तर तक ले जाया जाएगा. पहले चरण में मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े नेताओं व कार्यकर्ताओं को कांग्रेस में शामिल किया जाएगा. इसके बाद, दूसरे चरण में एक व्यापक सदस्यता अभियान चलाए जाने की रूपरेखा तैयार की गई है.
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‘8 से 10 हजार बीजेपी कार्यकर्ता थामेंगे कांग्रेस का हाथ’
महासचिव विनोद ज़िंटा की ओर से एक बड़ा सियासी दावा करते हुए बताया गया कि प्रदेश में बीजेपी के करीब 8 से 10 हजार कार्यकर्ताओं की तरफ से कांग्रेस में शामिल होने की पूरी तैयारी कर ली गई है.
बताया गया कि बीजेपी और प्रधानमंत्री की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट कई कार्यकर्ताओं की ओर से कांग्रेस का दामन थामने की इच्छा जताई गई है. इन कार्यकर्ताओं को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व और पार्टी की नीतियों से काफी प्रभावित बताया जा रहा है.
राम मंदिर के चंदे पर उठाए गए सवाल
पत्रकार वार्ता के दौरान बीजेपी पर तीखा राजनीतिक निशाना साधा गया और राम मंदिर के लिए जुटाए गए चंदे को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए. आरोप लगाया गया कि आस्था के नाम पर लोगों से भारी भरकम चंदा लिया गया, लेकिन जब भी इससे जुड़े मामलों पर सवाल पूछे जाते हैं, तो बीजेपी की ओर से जवाब देने से बचा जाता है.
अंत में यह स्पष्ट किया गया कि इस पूरे संगठन विस्तार अभियान के माध्यम से पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा और अधिक से अधिक लोगों को कांग्रेस विचारधारा से जोड़े जाने का सघन प्रयास किया जाएगा.
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