
मौसम विभाग की ओर से जारी रेड अलर्ट को देखते हुए कांगड़ा जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 20 और 21 जुलाई को जिले के सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का फैसला किया है. जिला दंडाधिकारी एवं उपायुक्त हेम राज बैरवा ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा है कि छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है.
स्कूल, कॉलेज से लेकर आंगनबाड़ी तक सब रहेंगे बंद
प्रशासन के आदेश के मुताबिक जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान, केंद्रीय विश्वविद्यालय, संस्कृत विश्वविद्यालय बल्याहर, एनआईएफटी, आंगनबाड़ी केंद्र और शिशु पालन केंद्र 20 और 21 जुलाई को बंद रहेंगे. इन दो दिनों के दौरान किसी भी संस्थान में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां नहीं होंगी.
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परीक्षाएं भी टलीं, स्टाफ को भी रहेगा अवकाश
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन संस्थानों में 20 और 21 जुलाई को होने वाली सभी परीक्षाएं फिलहाल स्थगित रहेंगी. साथ ही शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को भी अवकाश रहेगा. हालांकि, अगर किसी आपात स्थिति में जरूरत पड़ी तो संबंधित संस्थान प्रमुख आवश्यक कर्मचारियों की सेवाएं ले सकेंगे.
उपायुक्त हेम राज बैरवा ने सभी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को आदेशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने आम लोगों से भी खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है. प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने को कहा है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके.
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आपदा की स्थिति में इस नंबर पर करें संपर्क
जिला प्रशासन ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति या राहत संबंधी सहायता के लिए जिला आपदा प्रबंधन केंद्र का टोल फ्री नंबर 1077 24 घंटे सक्रिय रहेगा. लोगों से अपील की गई है कि मौसम को हल्के में न लें और प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें. इससे जान-माल के नुकसान की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता है.