धर्म

Guru Purnima: गुरु पूर्णिमा पर महंत रविंद्र पुरी का खास संदेश, बताया क्यों बेहद पवित्र है व्यास पूर्णिमा और श्रावण मास


Guru Purnima: नया उदासीन अखाड़े में वर्ष 2013 से चले आ रहे विवाद और आगामी गुरु पूर्णिमा पर्व को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी का बड़ा बयान सामने आया है. अखाड़ा विवाद पर कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने असंतुष्ट संतों को आपसी बातचीत से मसला सुलझाने की सलाह दी है.

इसके साथ ही उन्होंने व्यास पूर्णिमा और पवित्र श्रावण मास के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं से एक खास अपील भी की है.

नया उदासीन अखाड़ा विवाद, कोर्ट के फैसले और संवाद पर जोर

नया उदासीन अखाड़े के विवाद पर बात करते हुए महंत रविंद्र पुरी ने स्पष्ट किया कि यह मामला वर्ष 2013 से चला आ रहा था और इसके बाद मामला न्यायालय (कोर्ट) पहुंचा.

“कोर्ट के माध्यम से वर्तमान कार्यकारिणी, जिसमें महंत भगत राम जी महाराज और सचिव जगतार मुनि शामिल हैं, उसी को शासन और समाज में पूर्ण मान्यता प्राप्त है.” 
 महंत रविंद्र पुरी, अध्यक्ष (अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद)

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने असंतुष्ट गुटों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी संत को कोई आपत्ति या असंतोष है, तो उन्हें अपने अखाड़े के भीतर बैठकर विचार-विमर्श करना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन परंपरा में समस्याओं का समाधान आपसी संवाद और बैठकर बातचीत करने से ही संभव है.

गुरु पूर्णिमा और आषाढ़ मास का धार्मिक महत्व

आगामी गुरु पूर्णिमा और आषाढ़ मास के संदर्भ में महंत रविंद्र पुरी ने गुरु की महिमा का बखान किया:

  • अंधेरे से प्रकाश की ओर: गुरु का शाब्दिक और आध्यात्मिक अर्थ है वह सत्ता जो अज्ञानता के अंधेरे से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाती है.
  • व्यास पूर्णिमा: महर्षि वेदव्यास जी ने वेदों, शास्त्रों और पुराणों की रचना की थी, इसलिए इस पवित्र तिथि को ‘व्यास पूर्णिमा’ के नाम से भी जाना जाता है.
  • श्रावण मास का आरंभ: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर से ही पवित्र श्रावण (सावन) मास की शुरुआत होती है.

श्रद्धालुओं से अपील

महंत रविंद्र पुरी ने देशभर के श्रद्धालुओं और सनातन धर्म के अनुयायियों से अपील की है कि वे गुरु पूर्णिमा के दिन अपने-अपने गुरु स्थान पर जाएं. उन्होंने कहा कि भक्त अपने गुरुदेव का पूजन-अर्चन करें और भगवान शिव तथा गुरु परंपरा का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य बनाएं.

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