
Aaj Ka Panchang 2 October 2026: जितिया की तैयारी कर रहे परिवारों के लिए आज नहाय-खाय का दिन है. मुख्य निर्जला व्रत कल, 3 अक्टूबर को रखा जाएगा. आज शुक्रवार को पितृ पक्ष का सप्तमी श्राद्ध भी है. सुबह षष्ठी तिथि रहेगी, लेकिन 10 बजकर 15 मिनट पर सप्तमी शुरू हो जाएगी.
नहाय-खाय, निर्जला व्रत और पारण अलग-अलग दिनों में होते हैं. इसलिए जितिया शुरू पढ़कर आज से ही निर्जला व्रत न मानें. इस बार नहाय-खाय 2 अक्टूबर, मुख्य व्रत 3 अक्टूबर और पारण 4 अक्टूबर को है.
आज नहाय-खाय है, क्या निर्जला व्रत भी रखना है?
नहाय-खाय व्रत की तैयारी का दिन है. परिवार की परंपरा के अनुसार स्नान, भोजन और अगले दिन की पूजा की तैयारी की जाती है. जितिया का मुख्य उपवास इसके अगले दिन होता है. इस वर्ष वह दिन शनिवार 3 अक्टूबर है. Hindu Panchang मे जीवित्पुत्रिका व्रत कल यानी 3 अक्टूबर को रखा जाएगा.
नहाय-खाय में बनने वाला भोजन और अन्य रीति-रिवाज क्षेत्र और परिवार के अनुसार बदलते हैं. इसलिए किसी एक जगह की भोजन-परंपरा को सभी व्रतियों के लिए अनिवार्य नहीं माना जा सकता है.
आज के पंचांग में कौन-सी तिथि है?
पूर्णिमांत कैलेंडर के अनुसार आश्विन कृष्ण पक्ष चल रहा है. अमांत कैलेंडर में मास का नाम भाद्रपद है. आज षष्ठी सुबह 10:15 बजे समाप्त होगी. सप्तमी इसके बाद शुरू होकर 3 अक्टूबर की सुबह 7:59 बजे तक रहेगी.
मृगशिरा नक्षत्र दिनभर रहेगा. व्यतीपात योग शाम 6:17 बजे तक है, फिर वरीयान योग लगेगा. वणिज करण सुबह 10:15 बजे तक, इसके बाद विष्टि और रात करीब 9:07 बजे से बव करण रहेगा.
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सप्तमी श्राद्ध आज किसका करें?
जिन परिजनों का निधन सप्तमी तिथि को हुआ था, उनका श्राद्ध आज किया जाता है. निधन शुक्ल पक्ष की सप्तमी को हुआ हो या कृष्ण पक्ष की, पितृ पक्ष में दोनों के लिए सप्तमी श्राद्ध का दिन यही है.
पंचांग अनुसार कुतुप मुहूर्त सुबह 11:46 से दोपहर 12:34 बजे, रौहिण मुहूर्त 12:34 से 1:21 बजे और अपराह्न काल 1:21 से 3:44 बजे तक है. ये समय दिल्ली के अनुसार है, अन्य स्थानों के लिए पंचांग अनुसार समय में कुछ समय अंतर हो सकता है. इसलिए स्थानीय पंचांग भी देखें.
सुबह षष्ठी देखकर आज षष्ठी श्राद्ध मानने से बचें. श्राद्ध के निर्धारित समय में सप्तमी रहेगी. नहाय-खाय और श्राद्ध दोनों एक दिन पड़ रहे हैं, लेकिन दोनों की विधि और उद्देश्य अलग हैं.
आज राहुकाल कब है?
Panchang अनुसार नई दिल्ली के लिए राहुकाल सुबह 10:41 से दोपहर 12:10 बजे तक है. गुलिक काल सुबह 7:43 से 9:12 बजे और यमगण्ड दोपहर 3:08 से शाम 4:37 बजे तक दिया गया है.
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:46 से दोपहर 12:34 बजे तक है. इसकी शुरुआती अवधि राहुकाल से मिलती है. इसलिए केवल अभिजीत का नाम देखकर पूरी अवधि को सभी कार्यों के लिए उपयुक्त न मानें.
दोपहर बाद चंद्रमा कहां रहेगा?
चंद्रमा दोपहर 3:40 बजे वृषभ से मिथुन राशि में प्रवेश करेगा. उस समय मृगशिरा नक्षत्र बना रहेगा, क्योंकि यह नक्षत्र दोनों राशियों में फैला है. मृगशिरा का समापन 3 अक्टूबर की तड़के करीब 2:55 बजे होगा. सूर्य कन्या राशि में रहेगा.
आज की तीन जरूरी बातें
आज जितिया का नहाय-खाय है, मुख्य निर्जला व्रत कल है. सप्तमी श्राद्ध आज करें. चंद्रमा दोपहर में राशि बदलेगा, जबकि नक्षत्र का बदलाव अगले दिन तड़के होगा.
FAQ
2 अक्टूबर 2026 को कौन-सी तिथि है?
षष्ठी सुबह 10:15 बजे तक रहेगी. इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू होगी.
जितिया का नहाय-खाय कब है?
वर्ष 2026 में जितिया का नहाय-खाय 2 अक्टूबर, शुक्रवार को है. मुख्य निर्जला व्रत 3 अक्टूबर को रखा जाएगा.
क्या 2 अक्टूबर को जितिया का निर्जला व्रत है?
नहीं. 2 अक्टूबर को नहाय-खाय है. मुख्य निर्जला व्रत 3 अक्टूबर को और पारण 4 अक्टूबर को होगा.
सप्तमी श्राद्ध 2026 कब है?
सप्तमी श्राद्ध 2 अक्टूबर को है. सप्तमी तिथि में दिवंगत हुए परिजनों का श्राद्ध इस दिन किया जाता है.
दिल्ली में 2 अक्टूबर का राहुकाल कब है?
Panchang के अनुसार राहुकाल सुबह 10:41 से दोपहर 12:10 बजे तक है.
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