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FSSAI के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंची महाराष्ट्र सरकार, समानांतर लाइसेंसिंग व्यवस्था बनाने का आरोप | maharashtra government bombay high court fssai rules constitutional validity challenge state powers



मुंबई. महाराष्ट्र सरकार ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण  के कुछ नियमों और आदेशों को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. राज्य सरकार का आरोप है कि FSSAI ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत निर्धारित राज्य सरकारों के अधिकारों का अतिक्रमण करते हुए एक समानांतर लाइसेंसिंग एवं प्रवर्तन व्यवस्था खड़ी कर दी है.

याचिका में महाराष्ट्र सरकार ने FSSAI के उन नियमों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाया है, जिनके तहत “सेंट्रल फूड सेफ्टी ऑफिसर्स” की नियुक्ति की गई. राज्य का दावा है कि इससे राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों के लाइसेंस जारी करने और कानून लागू कराने संबंधी अधिकार प्रभावित हुए हैं.

महाराष्ट्र सरकार ने विशेष रूप से मई 2023 के उस आदेश का विरोध किया है, जिसके तहत राज्य अधिकारियों को केंद्रीय लाइसेंस प्राप्त कंपनियों का निरीक्षण करने से रोका गया था. याचिका में यह भी कहा गया है कि FoSCoS पोर्टल के माध्यम से लाइसेंसिंग प्रक्रिया का केंद्रीकरण कर दिया गया, जिससे राज्यों की भूमिका सीमित हो गई.

राज्य सरकार ने मार्च में जारी उन अधिसूचनाओं को भी चुनौती दी है, जिनमें कारोबार के टर्नओवर की सीमा बढ़ाई गई थी. महाराष्ट्र का कहना है कि यह बदलाव पर्याप्त सार्वजनिक परामर्श के बिना किए गए.

याचिका में महाराष्ट्र सरकार ने संबंधित नियमों और आदेशों को निरस्त करने, निरीक्षण संबंधी प्रतिबंधों पर रोक लगाने तथा लाइसेंसिंग डेटाबेस का नियंत्रण राज्यों को वापस सौंपने की मांग की है. मामले की सुनवाई बॉम्बे हाईकोर्ट की उस पीठ के समक्ष होगी जिसमें मुख्य न्यायाधीश महेश सी. त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना शामिल हैं.

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