
AICC प्रवक्ता कुलदीप राठौर ने शिमला में प्रेस वार्ता कर चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र और संविधान के सामने खतरा पैदा हो रहा है. राठौर ने मतदाता सूचियों से कथित तौर पर करोड़ों वोट काटे जाने का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग भी की.
‘लोकतंत्र में हर नागरिक के वोट का समान और महत्व’
कुलदीप राठौर ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक के वोट का समान महत्व है और किसी को भी मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और काटने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है. राठौर ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रहे हैं, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया.
उन्होंने दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर जा रहे कांग्रेस सांसदों और नेताओं को रोके जाने पर भी सवाल उठाए. राठौर ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है.
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विपक्ष की आवाज दबाने और एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
राठौर ने केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने और जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की. साथ ही प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग भी उठाई.
हिमाचल प्रदेश में मतदाता सूची में गड़बड़ी की आशंका से जुड़े सवाल पर राठौर ने कहा कि चुनाव आयोग को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. उन्होंने बताया कि कांग्रेस प्रदेश में जिला और ब्लॉक स्तर पर भी आंदोलन कर रही है. राठौर ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा.
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