

दिल्ली के अरुणा आसफ अली अस्पताल से रविवार सुबह एक बंद कमरे से युवा डॉक्टर की लाश बरामद हुई. जीवन रक्षक दवाओं से मरीजों को दर्द से निजात दिलाने वाले एनेस्थीसिया एक्सपर्ट ने खुद को ही मौत का इंजेक्शन लगा लिया. डॉ. सिमरप्रीत आनंद (30) की इस खौफनाक सुसाइड मिस्ट्री ने न सिर्फ अस्पताल प्रशासन बल्कि पूरी मेडिकल सोसायटी को हिलाकर रख दिया है. मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब मृतक के परिजनों ने अस्पताल की ही एक साथी महिला डॉक्टर पर हत्या की साजिश रचने का संगीन आरोप लगा दिया.
दरअसल, डॉ सिमरप्रीत आनंद मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले थे. वर्तमान में वह दिल्ली के लाजपत नगर में रहते थे. साल 2023 में दिल्ली सरकार की चिकित्सा सेवा में चयनित होने वाले सिमरप्रीत पिछले दो वर्षों से इस अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे. शनिवार रात 8 बजे से उनकी नाइट ड्यूटी शुरू हुई थी, जो रविवार सुबह 8 बजे खत्म होनी थी.
ड्यूटी बदलने के वक्त मचा हड़कंप
सुबह जब ड्यूटी बदलने का वक्त आया, तो डॉ. सिमरप्रीत अपने कमरे से बाहर नहीं निकले. स्टाफ ने फोन मिलाया, घंटियां गूंजती रहीं पर कोई जवाब नहीं आया. अनहोनी की आशंका में जब दरवाजा खटखटाया गया, तो भीतर खामोशी थी. आखिरकार अस्पताल प्रशासन की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया. बिस्तर पर डॉ सिमरप्रीत बेहोश पड़े थे. उन्हें तुरंत इमरजेंसी ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं.
सुसाइड नोट में छिपी टूटे दिल की दास्तान
उत्तरी दिल्ली के डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब कमरे की तलाशी ली, तो वहां से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ. यह सुसाइड नोट किसी गहरी मानसिक उलझन और टूटे हुए रिश्ते की गवाही दे रहा था. पुलिस के मुताबिक, नोट में डॉ सिमरप्रीत ने अपनी निजी जिंदगी, पारिवारिक तनाव और एक पेचीदा प्रेम प्रसंग का जिक्र किया है. प्यार में मिले धोखे और रिश्तों की कशमकश से तंग आकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया.
डीसीपी राजा बांठिया के मुताबिक, “शुरुआती जांच और सुसाइड नोट से मामला प्रेम प्रसंग में उपजे तनाव का लग रहा है. शव पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं हैं, जिससे प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का ही मामला प्रतीत होता है.”
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
घटना की सूचना मिलते ही मृतक डॉक्टर के परिवार में कोहराम मच गया. मृतक के चाचा ने इस मामले में सीधे अस्पताल की ही एक महिला डॉक्टर की तरफ इशारा करते हुए सनसनीखेज आरोप लगाया है. परिजनों का दावा है कि यह महज आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है.
फॉरेंसिक जांच और मेडिकल बोर्ड पर टिकी निगाहें
परिजनों के आरोप और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पूरे क्राइम सीन कमरे को सील कर दिया है. पुलिस की जांच टीम ने क्राइम सीन से एनेस्थीसिया के इंजेक्शन, सिरिंज और अन्य जरूरी सबूत जुटाए गए हैं, जिन्हें FSL फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है. मौत के सटीक कारणों और एनेस्थीसिया के ओवरडोज की पुष्टि के लिए डॉक्टरों के एक स्पेशल मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने का फैसला लिया गया है.
स्टाफ और करीबी दोस्तों से हो रही पूछताछ
पुलिस फिलहाल अस्पताल के स्टाफ, साथी डॉक्टरों और डॉ. सिमरप्रीत के करीबी दोस्तों से पूछताछ कर रही है. आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ था जिसने एक काबिल डॉक्टर को मौत गले लगाने पर मजबूर कर दिया? इसका मुकम्मल सच फॉरेंसिक रिपोर्ट और पुलिसिया तफ्तीश के बाद ही सामने आ पाएगा.
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