
नई दिल्ली:
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को जमानत मिल गई है. दिल्ली की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने दीपके को शर्तों के साथ रिहा करने का आदेश दिया है. दीपके को कल दिल्ली में तिरंगा मार्च निकालने के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था. नेहा बोरा को तो देर रात रिहा कर दिया गया था. लेकिन दीपके को गिरफ्तार कर लिया गया था. जिसके बाद उसे SEM कोर्ट में पेश किया गया. जहां से अदालत ने दीपके की रिहाई के आदेश दिए. हालांकि दीपके को कई शर्तों का पालन भी करना होगा. मिली जानकारी के अनुसार अभिजीत दीपके को शांति और व्यवस्था भंग न करने के लिए एक शांति बांड पर हस्ताक्षर करने को कहा गया है. दीपके को और किन शर्तों पर जमानत दी गई है, उसकी विस्तृत जानकारी का इंतजार है.
कॉकरोच जनता पार्टी के कानूनी कामकाज को देखने वाली रत्ना सिंह ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर अभिजीत दीपके की रिहाई के बारे में जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि अभीजित दीपके को रिलीज कर दिया गया है. अभिजीत दीपके को पीस बॉन्ड भरवा कर रिलीज किया जाएगा. ऐसे में यह साफ है कि दीपके को न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा जाएगा. 50 हजार के रुपए के मुचलका पर दीपके को रिहा किया गया.

सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने दीपके की रिहाई के बारे में जानकारी दी.
अभिजीत दीपके की रिहाई के बारे में उनके सहयोगी अजिंक्य शिंदे से जब मीडिया से जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि वो बैक गेट से बाहर आ रहा हैं. शर्तों के बारे में वो ही बताएगा.दीपके को भले ही रिहा कर दिया गया हो लेकिन उनके दो अन्य सहयोगी सौरभ दास और आशुतोष रांका अभी भी न्यायिक हिरासत में ही हैं.
दीपके को जमानत जबकि सौरभ और आशुतोष को न्यायिक हिरासत क्यों?
सूत्रों के मुताबिक अभिजीत दीपके को जमानत देने के मुख्य वजह ये भी मानी जा रही है क्योंकि अभिजीत को प्रोटेस्ट मार्च से पहले हिरासत में ले लिया गया था. वो सीपी तिरंगा मार्च में शामिल नहीं हो पाया था. जबकि सौरभ दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में इसलिए भेजा गया था क्योंकि वो मना करने के बावजूद चोरी छुपके जन्तर मन्तर पहुंच गए और अशांति फैलाने की कोशिश की.
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