
BPSC 70th Final Result: बिहार लोक सेवा आयोग ने शनिवार को 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के फ़ाइनल रिजल्ट जारी कर दिए हैं. नतीजे में बिहार में कई प्रशासनिक पदों के लिए कुल 2027 उम्मीदवारों का चयन हुआ है. BPSC के रिजल्ट में श्रद्धा पांडे ने 593 नंबर के साथ टॉप किया, जबकि शशांक गौरव और आयुष बिजॉय दोनों ने 592 अंक हासिल करके दूसरा स्थान प्राप्त किया है. BPSC के चेयरमैन रवि मनुभाई परमार ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा को आयोग के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में से एक बताया. मुजफ्फरपुर के 2 लोगों ने BPSC की परीक्षा में सफलता पाकर जिले का नाम रोशन किया है.
मुजफ्फरपुर के त्रिपुरारी बने ADTO
जानकारी के अनुसार मुजफ्फरपुर के मुरौल में कोरीगामा गांव के त्रिपुरारी कुमार पुत्र प्रमोद कुमार मिश्रा को BPSC के रिजल्ट में 464 वीं रैंक मिली है. इसी के साथ वह सहायक जिला परिवहन पदाधिकारी पद पर चयनित हुए हैं. त्रिपुरारी के अलावा मुजफ्फरपुर में शहबाजपुर के निवासी अमृता पुत्री वीरेंद्र कुमार भी बीपीएससी की परीक्षा में सफल हुई हैं.
अमृता आपूर्ति अधिकारी के पद पर चयनित
1700वीं रैंक के साथ अमृता ने आपूर्ति पदाधिकारी पद पर चयनित होकर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है. इस बार एसडीएम (SDM) पद के लिए करीब 200 कैंडिडेट्स का चयन हुआ है.
ऐसे चेक करें BPSC 70th Result
- सबसे पहले बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं.
- इसके बाद Result या Important Notice सेक्शन पर क्लिक करें.
- यहां आपको 70th Combined Competitive Examination Final Result का लिंक दिखेगा, उस पर क्लिक करिए.
- अब आपके सामने रिजल्ट की एक PDF फाइल खुल जाएगी, इसे डाउनलोड कर लीजिए.
- अपने कीबोर्ड पर Ctrl+F दबाएं और अपना रोल नंबर डालकर सर्च करें.
- अब आप प्रिंटआउट या सेव्ड कॉपी अपने पास जरूर रखें.
बता दें कि BPSC की प्रारंभिक परीक्षा पूरे बिहार में 912 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी. परीक्षा से पहले ही, हजारों उम्मीदवारों ने प्रस्तावित नॉर्मलाइज़ेशन सिस्टम का विरोध किया था. 6 दिसंबर, 2024 को उम्मीदवारों ने पटना में BPSC कार्यालय के बाहर बड़ा विरोध-प्रदर्शन किया. लगभग 12 घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए.
परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर हुआ विरोध प्रदर्शन
सबसे बड़ा विवाद 13 दिसंबर, 2024 को पटना के बापू परीक्षा केंद्र पर हुई प्रारंभिक परीक्षा के दौरान खड़ा हुआ. उम्मीदवारों ने परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाया और केंद्र पर विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद, BPSC ने केवल उसी केंद्र की परीक्षा रद्द कर दी. हालांकि, विरोध कर रहे छात्रों ने पूरी राज्य-स्तरीय परीक्षा रद्द करने की मांग की. उनका तर्क था कि अगर एक केंद्र पर गड़बड़ी हुई है, तो पूरे बिहार में परीक्षा फिर से आयोजित की जानी चाहिए.
इस मांग ने आंदोलन को और तेज़ कर दिया और भर्ती प्रक्रिया कई महीनों तक चर्चा का विषय बनी रही. 70वीं BPSC परीक्षा से जुड़े इस विवाद ने राजनीतिक ध्यान भी आकर्षित किया. ‘जन सुराज’ के संस्थापक प्रशांत किशोर ने विरोध कर रहे उम्मीदवारों के समर्थन में भूख हड़ताल की, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी यह मुद्दा उठाया. यह परीक्षा कई महीनों तक बिहार में एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनी रही.
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श्यामजी तिवारी
सब एडिटर
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