धर्म

Aaj Ka Panchang 5 November 2026: एकादशी सुबह 10:35 तक, क्या इसके बाद व्रत खोल सकते हैं?


Aaj Ka Panchang: गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को रमा एकादशी का व्रत है. नई दिल्ली में एकादशी तिथि सुबह 10:35 बजे खत्म होगी, लेकिन व्रत का पारण उस समय नहीं होगा. इसके लिए शुक्रवार, 6 नवंबर को सुबह 6:37 से 8:48 बजे तक का समय है. आज शाम गोवत्स द्वादशी की पूजा होगी. उसका मुहूर्त शाम 5:33 से रात 8:10 बजे तक है.

गुरुवार के पंचांग में दोपहर का समय भी ध्यान देने लायक है. पूरा अभिजीत मुहूर्त वर्ज्य के भीतर है और विजय मुहूर्त राहुकाल के दौरान पड़ेगा. आइए जानते हैं आज का पंचांग-

एकादशी खत्म होने और व्रत खोलने का समय अलग क्यों है?

सुबह 10:35 बजे से द्वादशी शुरू होगी और शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे तक रहेगी. एकादशी व्रत की परंपरा में पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद द्वादशी में किया जाता है. इसलिए गुरुवार सुबह तिथि बदलने के बाद भी रमा एकादशी का व्रत जारी रहेगा. शुक्रवार का पारण सुबह 8:48 बजे तक है, भले ही द्वादशी उसके बाद भी कुछ देर रहेगी.

आज शाम गोवत्स द्वादशी की पूजा का आधार अलग है. इसके लिए सूर्यास्त के आसपास का प्रदोष काल देखा जाता है. गुरुवार शाम उस समय द्वादशी रहेगी, इसलिए गाय और बछड़े की पूजा आज होगी. शाम की गोवत्स पूजा और शुक्रवार सुबह का एकादशी पारण दो अलग समय हैं.

अभिजीत और विजय मुहूर्त में आज क्या ध्यान रखें?

अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:43 से दोपहर 12:26 बजे तक है. वर्ज्य उससे पहले सुबह 10:49 बजे शुरू होगा और दोपहर 12:27 बजे खत्म होगा. यानी अभिजीत का कोई हिस्सा वर्ज्य से बाहर नहीं है. इसी तरह, दोपहर 1:54 से 2:38 बजे तक का विजय मुहूर्त पूरी तरह राहुकाल के भीतर है.

अगर आपकी परंपरा में नया मांगलिक काम शुरू करते समय राहुकाल या वर्ज्य देखा जाता है, तो सिर्फ मुहूर्त का नाम देखकर समय तय न करें. रोज की पूजा अपने समय पर कर सकते हैं. गोवत्स द्वादशी की पूजा के लिए शाम का अलग समय दिया गया है, जो दोपहर के इन दोनों कालों के बाद है.

5 नवंबर का पंचांग

वार, पक्ष- गुरुवार, कृष्ण पक्ष
पूर्णिमांत / अमांत मास- कार्तिक / आश्विन
तिथि- एकादशी 10:35 तक, फिर द्वादशी
नक्षत्र- उत्तराफाल्गुनी 6 नवंबर तड़के 03:55 तक, फिर हस्त
योग- वैधृति 6 नवंबर सुबह 05:09 तक, फिर विष्कम्भ
करण- बालव 10:35 तक, कौलव 22:30 तक, फिर तैतिल
सूर्य राशि- तुला
चंद्र राशि- सिंह 09:34 तक, फिर कन्या
सूर्योदय / सूर्यास्त- 06:36 / 17:33
चंद्रास्त / अगला चंद्रोदय- 15:01 / 6 नवंबर तड़के 03:45

सुबह 9:34 बजे चंद्रमा सिंह से कन्या में जाएगा, लेकिन नक्षत्र उस समय नहीं बदलेगा. चंद्रमा उत्तराफाल्गुनी में ही रहेगा और हस्त नक्षत्र शुक्रवार तड़के शुरू होगा. अगला चंद्रोदय भी आधी रात के बाद है.

गुरुवार का राहुकाल और बाकी मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: 04:52-05:44
यमगण्ड: 06:36-07:58
गुलिक काल: 09:20-10:42
दुर्मुहूर्त: 10:15-10:59 और 14:38-15:22
वर्ज्य: 10:49-12:27
अभिजीत मुहूर्त: 11:43-12:26
राहुकाल: 13:27-14:49
विजय मुहूर्त: 13:54-14:38
गोधूलि मुहूर्त: 17:33-17:59
अमृत काल: 20:36-22:13
निशिता मुहूर्त: 23:39 से 6 नवंबर 00:31 तक

दैनिक पंचांग में भद्रा, गंडमूल और नक्षत्र पंचक दर्ज नहीं हैं. सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, रवि और द्विपुष्कर-त्रिपुष्कर योग भी नहीं हैं. रात का अमृत काल, अमृत सिद्धि योग से अलग है. विडाल योग 6 नवंबर को तड़के 3:55 से सुबह 6:37 बजे तक है. आज रमा एकादशी और गोवत्स द्वादशी के साथ कृष्ण पद्मनाभ द्वादशी और चातुर्मास है.

आज की 3 जरूरी बातें

– सुबह 10:35 बजे एकादशी तिथि खत्म होगी. व्रत का पारण 6 नवंबर को सुबह 6:37-8:48 बजे है.
– गोवत्स द्वादशी की पूजा आज शाम 5:33 से रात 8:10 बजे तक है.
– राहुकाल दोपहर 1:27-2:49 बजे है. विजय मुहूर्त इसी के भीतर है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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