
Aaj Ka Panchang: बुधवार 4 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में सुबह 11:03 बजे दशमी समाप्त होगी और एकादशी शुरू हो जाएगी. इसी समय मंगलवार रात से चली आ रही भद्रा भी खत्म होगी. लेकिन रमा एकादशी का व्रत आज नहीं, गुरुवार, 5 नवंबर को रखा जाएगा. इसकी वजह दोनों दिनों के सूर्योदय पर रहने वाली तिथि है.
बुधवार के पंचांग में अभिजीत मुहूर्त नहीं है. दोपहर का राहुकाल 12:04 से 1:27 बजे तक रहेगा. अगर भद्रा खत्म होने के बाद किसी नए काम का समय देख रहे हैं, तो वर्ज्य और गुलिक काल का समय भी साथ देख लें.
एकादशी आज लगेगी, फिर व्रत कल क्यों?
बुधवार को सूर्योदय के समय दशमी है. एकादशी उसके कई घंटे बाद लगेगी. गुरुवार को सूर्योदय के समय एकादशी रहेगी और सुबह 10:35 बजे समाप्त होगी. इसी आधार पर नई दिल्ली के पंचांग में रमा एकादशी का व्रत 5 नवंबर को है. इसलिए 4 नवंबर की तारीख के आगे एकादशी का आरंभ देखकर उसे व्रत की तारीख न समझें.
व्रत का पारण शुक्रवार 6 नवंबर को सुबह 6:37 से 8:48 बजे तक है. एकादशी गुरुवार सुबह समाप्त होते ही व्रत खोलने का समय नहीं होगा. पंचांग में पारण के लिए अगले दिन की अलग अवधि दी गई है.
भद्रा खत्म होते ही क्या नया काम शुरू कर सकते हैं?
भद्रा मंगलवार रात 11:25 बजे लगी थी और बुधवार सुबह 11:03 बजे समाप्त होगी. दशमी के साथ विष्टि करण भी खत्म होगा. इसके बाद एकादशी और बव करण शुरू होंगे. भद्रा दिनभर नहीं रहेगी.
भद्रा खत्म होने के वक्त गुलिक काल चल रहा होगा. सुबह 11:27 बजे वर्ज्य शुरू होगा और दोपहर 12:04 बजे गुलिक खत्म होते ही राहुकाल लग जाएगा. ऐसे में केवल भद्रा की समाप्ति देखकर 11:03 बजे को किसी आयोजन का शुभ मुहूर्त न मानें. ये समय परंपरा में खास तौर पर नए मांगलिक काम की शुरुआत के लिए देखे जाते हैं. रोज की पूजा अपने समय पर कर सकते हैं.
बुधवार का पंचांग: तिथि, नक्षत्र और चंद्रोदय
वार और पक्ष- बुधवार, कृष्ण पक्ष
पूर्णिमांत / अमांत मास- कार्तिक / आश्विन
तिथि- दशमी 11:03 तक, फिर एकादशी
नक्षत्र- पूर्वाफाल्गुनी 5 नवंबर तड़के 03:30 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी
योग- ब्रह्म 08:01 तक, फिर इंद्र. 5 नवंबर सुबह 06:26 से वैधृति
करण- विष्टि 11:03 तक, बव 22:46 तक, फिर बालव
आज का राहुकाल और शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त: 04:51-05:43
यमगण्ड: 07:57-09:20
गुलिक काल: 10:42-12:04
वर्ज्य: 11:27-13:04
दुष्टमुहूर्त: 11:42-12:26
राहुकाल: 12:04-13:27
अभिजीत मुहूर्त: नहीं है
विजय मुहूर्त: 13:54-14:38
गोधूलि मुहूर्त: 17:34-18:00
अमृत काल: 21:05-22:41
निशिता मुहूर्त: 23:39 से 5 नवंबर 00:31 तक
दोपहर में विजय मुहूर्त 1:54 बजे शुरू होगा. तब तक राहुकाल और वर्ज्य दोनों समाप्त हो चुके होंगे. ध्यान रहे, यह सामान्य पंचांग का समय है. विवाह, गृह प्रवेश या किसी विशेष पूजा का मुहूर्त अलग से देखा जाता है. रात का अमृत काल भी अमृत सिद्धि योग से अलग है.
बुधवार के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गंडमूल या नक्षत्र पंचक दर्ज नहीं है. सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, रवि और द्विपुष्कर-त्रिपुष्कर योग भी दैनिक पंचांग में नहीं हैं. आज चातुर्मास का पालन बताया गया है.
आज की 3 जरूरी बातें
– एकादशी आज 11:03 बजे शुरू होगी. रमा एकादशी का व्रत 5 नवंबर को है.
– भद्रा सुबह 11:03 बजे खत्म होगी. उस वक्त गुलिक काल जारी रहेगा.
– राहुकाल दोपहर 12:04 से 1:27 बजे तक है. आज अभिजीत मुहूर्त नहीं है.
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