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Aaj ka Panchang 31 October 2026: पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचें, नोट करें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूरा पंचांग | Aaj ka Panchang 31 October 2026 tithi shubh muhurat rahukal nakshatra yog shaniwar ka panchang



Aaj ka Panchang 31 October 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना की एक पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है. 

आज की तिथि

कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि शुक्रवार को रात 7:25 बजे से शुरू होकर शनिवार शाम 4:57 बजे तक रहेगी. इसके बाद कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी, जो 1 नवंबर दोपहर 2:51 बजे तक रहेगी. शनिवार को सुबह 6:35 बजे सूर्योदय और शाम 5:45 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, रात 10:46 बजे चंद्रोदय और अगले दिन दोपहर 12:41 बजे चंद्रास्त होगा.

नक्षत्र

पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य देव स्वाति नक्षत्र में रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करते हैं या इस नक्षत्र में स्थित होते हैं, तो इसके विशेष और गहरे प्रभाव देखने को मिलते हैं. स्वाति नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता पवन देव (वायु) हैं और स्वामी राहु हैं. इस नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश से लोगों में पुरानी परिस्थितियों और बंधनों से निकलकर स्वतंत्र रूप से कार्य करने की भावना प्रबल होती है.

शनिवार शाम 5:29 बजे तक सिद्ध योग रहेगा. ज्योतिष के अनुसार, सिद्ध योग 27 योगों में से एक शुभ योग है, जिसमें किए गए कार्य और नए प्रयास बिना किसी बाधा के सफल होते हैं. इस योग में शुरू किए गए नए काम, पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य कभी विफल नहीं होते हैं. अगर किसी कार्य के लिए कोई विशेष मुहूर्त नहीं मिल रहा हो, तो इस योग में कार्य की शुरुआत करना उत्तम माना गया है.

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जान लें शुभ मुहूर्त

इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ और फलदायी समय माना जाता है. आमतौर पर यह लगभग 48 मिनट (या दिनमान के अनुसार गणना किया गया आठवाँ मुहूर्त) होता है. माना जाता है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से सभी प्रकार के अशुभ प्रभाव या दोष स्वतः नष्ट हो जाते हैं. जब सूर्य ठीक सिर के ऊपर होता है, तब अभिजीत मुहूर्त की बेला होती है.

शनिवार को तड़के 3:24 बजे से 4:53 बजे तक अमृतकाल रहेगा. ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, अमृतकाल एक अत्यंत शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समयावधि (मुहूर्त) है. इसे अमृत के समान उत्तम फल देने वाला माना जाता है. इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना सबसे अधिक होती है. यह समय नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए श्रेष्ठ माना गया है.

नोट करें राहुकाल

इस दिन राहुकाल सुबह 9:22 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल दिन का वह समय होता है, जिसे किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. राहुकाल को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाला जाता है, जो हर दिन लगभग 90 मिनट का होता है. स्थान बदलने के साथ इसके समय में भी बदलाव हो जाता है. इस दौरान कोई नया काम शुरू नहीं करना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है.

शनिवार को यमगंड काल दोपहर 1:34 बजे से 2:57 बजे तक रहेगा. यह समय मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा हुआ माना जाता है. इस समय के दौरान स्वास्थ्य, दीर्घायु या सामान्य दुर्भाग्य से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. इस काल को नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. नया व्यापार या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए. इस दौरान किसी यात्रा पर भी निकलने और पैसों के लेन-देन से बचना चाहिए.

इस दिन गुलिक काल सुबह 6:35 बजे से 7:59 बजे तक रहेगा. गुलिक काल को ‘विषैला समय’ भी कहा जाता है. यह एक उपग्रह है, जिसे अशुभ माना जाता है. माना जाता है कि इस काल में किए गए कार्य नकारात्मक परिणाम देते हैं. इस काल में कोई नया काम शुरू करने से बचना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है. जो काम बार-बार करने हों, वे इस काल में किए जा सकते हैं. बैंक में पैसे जमा करना, दान देना या निवेश करना इस काल में अच्छा माना जाता है.

ग्रहों की स्थिति

शनिवार को सूर्य तुला राशि में रहेंगे. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य जब तुला राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे सूर्य का नीच होना या नीचस्थ होना कहा जाता है. सूर्य अग्नि तत्व का कारक है, जबकि तुला राशि वायु तत्व और शुक्र ग्रह के अधीन आती है, जो सूर्य के स्वभाव के विपरीत है. सूर्य को अहंकार, आत्मविश्वास और नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है. तुला राशि में आने से आत्मबल या ऊर्जा थोड़ी कमजोर महसूस हो सकती है. इस स्थिति में किसी भी फैसले पर पहुंचना मुश्किल हो सकता है.

इस दिन चंद्र देव मिथुन राशि में रहेंगे. इस स्थिति में मन तर्क-वितर्क, बातचीत और नई चीज़ें सीखने की ओर अधिक आकर्षित होता है. बातचीत करने की कला में सुधार आता है. लेखन, मीडिया, परामर्श, रणनीति और विश्लेषण से जुड़े क्षेत्रों में लाभ और नए विचार मिलते हैं. भावनाओं को भी दिल की बजाय दिमाग से तौलने के कारण कई बार मानसिक तनाव, घबराहट या ओवरथिंकिंग करने से समस्या हो सकती है.

दिशाशूल

शनिवार को दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिशाशूल उस दिशा को कहते हैं, जिसमें किसी खास दिन यात्रा करना या निकलना अशुभ माना जाता है.

(IANS की रिपोर्ट)

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