
Aaj Ka Panchang: करवा चौथ पर आज सबसे लंबा इंतजार चांद का होगा. गुरुवार, 29 अक्टूबर को नई दिल्ली में चंद्रोदय रात 8:17 बजे होगा, जबकि मुंबई में रात 9 बजे. दिल्ली में शाम की पूजा का मुहूर्त 5:38 से 6:56 बजे तक है. पूजा के बाद चंद्र दर्शन और अर्घ्य देकर व्रत खोला जाएगा.
आज वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी और रोहिणी व्रत भी हैं. सुबह रोहिणी नक्षत्र समाप्त होगा, लेकिन करवा चौथ की पूजा शाम को ही होगी. रात में चंद्र राशि और तिथि भी बदलेंगी. व्रत रखने वालों के लिए इन बदलावों से ज्यादा जरूरी है अपने शहर का चंद्रोदय और पूजा का सही समय जानना.
करवा चौथ की पूजा कब करें, व्रत कब खोलें?
नई दिल्ली में करवा चौथ की पूजा का मुहूर्त शाम 5:38 से 6:56 बजे तक है. इस दौरान अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजन और कथा कर सकते हैं. चंद्रोदय रात 8:17 बजे होगा.
शाम की पूजा और व्रत खोलने का समय अलग है. पूजा पूरी होने के बाद चंद्र दर्शन की प्रतीक्षा की जाती है. फिर चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलने की परंपरा है. इसलिए शाम 6:56 बजे पूजा का मुहूर्त समाप्त होने को पारण का समय न समझें.
आज चतुर्थी रात 10:09 बजे तक रहेगी. दिल्ली में गणना के अनुसार चंद्रोदय इसके पहले होगा. चतुर्थी समाप्त होने तक व्रत खींचने की जरूरत नहीं है; पारण का संबंध चंद्र दर्शन और पूजन से है.
आपके शहर में कितने बजे निकलेगा चांद?
कोलकाता और पटना में चांद दिल्ली से पहले निकलेगा. अहमदाबाद और मुंबई में इंतजार कुछ लंबा होगा. दिल्ली और मुंबई के चंद्रोदय में 43 मिनट का अंतर है. अन्य प्रमुख शहरों का भी जान लें-
नई दिल्ली- रात 8:17 बजे
नोएडा रात- 8:16 बजे
चंडीगढ़ रात- 8:12 बजे
लखनऊ रात- 8:06 बजे
पटना रात- 7:52 बजे
कोलकाता रात- 7:47 बजे
जयपुर रात- 8:28 बजे
अहमदाबाद रात- 8:52 बजे
मुंबई रात- 9:00 बजे
ये समय संबंधित शहरों की पंचांग गणना के अनुसार हैं. दिल्ली का समय पूरे NCR या दूसरे शहरों पर लागू न करें.
चंद्रोदय का समय होने पर भी हर छत या बालकनी से उसी मिनट चांद दिखना जरूरी नहीं है. इमारतों, बादलों या धुंध के कारण दर्शन में देर हो सकती है. तालिका चंद्रमा के उदय का समय बताती है, दिखाई देने की गारंटी नहीं.
रोहिणी सुबह खत्म होगी, फिर पूजा शाम को क्यों?
रोहिणी नक्षत्र सुबह 11:11 बजे तक रहेगा. इसके बाद मृगशिरा लगेगा. शाम की करवा चौथ पूजा और चंद्रोदय, दोनों मृगशिरा नक्षत्र में होंगे.
रोहिणी समाप्त होने को करवा चौथ की पूजा की अंतिम सीमा न समझें. इस व्रत के लिए चतुर्थी और चंद्र दर्शन का महत्व है. आज चतुर्थी सूर्योदय, शाम की पूजा और चंद्रोदय, तीनों समय रहेगी.
29 अक्टूबर का पंचांग एक नजर में
- वार और पक्ष- गुरुवार, कृष्ण पक्ष
- पूर्णिमांत मास- कार्तिक
- अमांत मास- आश्विन
- तिथि चतुर्थी- रात 10:09 तक, फिर पंचमी
- नक्षत्र रोहिणी- सुबह 11:11 तक, फिर मृगशिरा
- योग- परिघ, 30 अक्टूबर रात 12:06 तक; फिर शिव
- करण- बव सुबह 11:37 तक, बालव रात 10:09 तक; फिर कौलव
- सूर्य राशि- तुला
- चंद्र राशि- वृषभ रात 10:06 तक, फिर मिथुन
- सूर्योदय-सूर्यास्त: सुबह 6:31- शाम 5:38
- चंद्रास्त: सुबह 9:52
रात 10:06 बजे चंद्रमा मिथुन में जाएंगे और 10:09 बजे पंचमी लगेगी. दोनों बदलावों में तीन मिनट का अंतर है. सुबह का नक्षत्र परिवर्तन इनसे अलग है.
क्या आज भद्रा रहेगी?
पिछले दिन शुरू हुई भद्रा 29 अक्टूबर की शुरुआत में रात 1:06 बजे समाप्त हो चुकी होगी. सूर्योदय से शाम की पूजा और चंद्रोदय तक भद्रा नहीं रहेगी.
आज के दैनिक पंचांग में पंचक और गंडमूल भी दर्ज नहीं हैं. पिछले दिन का सर्वार्थ सिद्धि योग आज के पंचांग में न जोड़ें.
आज का राहुकाल और शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 4:48-5:39
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:42-दोपहर 12:27
विजय मुहूर्त- दोपहर 1:56-2:40
गोधूलि- शाम 5:38-6:04
निशिता- रात 11:39-30 अक्टूबर रात 12:31
राहुकाल- दोपहर 1:28-2:52
यमगण्ड- सुबह 6:31-7:54
गुलिक- सुबह 9:18-10:41
दुष्टमुहूर्तत- सुबह 10:13-10:58 और दोपहर 2:40-3:25
वर्ज्य- शाम 4:17-5:45
अमृत काल सुबह 8:17 से 9:44 बजे और 30 अक्टूबर रात 1:03 से 2:30 बजे तक है. ये सामान्य पंचांग की अवधियां हैं. करवा चौथ का विशेष पूजा मुहूर्त ऊपर अलग दिया गया है.
संकष्टी का व्रत रखने वालों के लिए भी आज चंद्र दर्शन जरूरी
आज वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी है. इसमें भगवान गणेश की पूजा और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलने की परंपरा है. दिल्ली में इसके लिए भी चंद्रोदय रात 8:17 बजे है. करवा चौथ और संकष्टी एक दिन हैं, लेकिन दोनों की पूजा और कथा अलग हैं.
आज की 3 जरूरी बातें
1. दिल्ली में करवा चौथ की पूजा शाम 5:38 से 6:56 बजे तक है. व्रत चंद्र दर्शन के बाद खुलेगा.
2. अपने शहर का चंद्रोदय देखें. दिल्ली में 8:17 और मुंबई में रात 9 बजे चांद निकलेगा.
3. रोहिणी सुबह समाप्त होगी, लेकिन चतुर्थी रात 10:09 बजे तक रहेगी. शाम की पूजा के समय भद्रा नहीं है.
यह पंचांग नई दिल्ली के समय और पंचांग की गणना के आधार पर तैयार किया गया है. शहरवार चंद्रोदय संबंधित स्थान की गणना से लिया गया है. स्थान बदलने पर पूजा मुहूर्त, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल में भी अंतर हो सकता है.
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