
Karwa Chauth Moonrise Time in Delhi: करवा चौथ पर चांद निकलने का इंतजार व्रत रखने वालों को दिनभर रहता है. इस बार चंद्रोदय के अलग-अलग समय को लेकर भी सवाल उठ रहा है. कहीं रात 7 बजकर 57 मिनट का जिक्र है तो कहीं 8 बजकर 17 मिनट का. ऐसे में दिल्ली में व्रत रखने वाले लोग किस समय की तैयारी करें?
हिंदूं पंचांग के अनुसार गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में चंद्रोदय रात 8 बजकर 17 मिनट पर होगा. चांद के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जा सकता है. हालांकि आपके घर से चांद दिखाई देने में कुछ देर लग सकती है.
7:57 बजे या 8:17 बजे, दिल्ली के लिए कौन सा समय?
नई दिल्ली के लिए हिंदूं पंचांग में करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय रात 8:17 बजे दिया गया है. वहीं, एक अन्य वेबसाइट पर चांद निकलने का समय 7:57 बजे लिखा है, लेकिन वहां उस समय के साथ शहर स्पष्ट नहीं किया गया है. इसलिए उसे दिल्ली का समय मानना सही नहीं होगा.
अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय का समय बदलता है. इसके अलावा गणना के तरीकों में अंतर के कारण भी पंचांगों में कुछ मिनट का फर्क मिल सकता है. उदाहरण के लिए, एक अन्य पंचांग वेबसाइट ने नई दिल्ली के लिए रात 8:12 बजे का समय दिया है. ऐसे में दिल्ली में व्रत रखने वाले अपने स्थान के लिए चुने गए पंचांग का समय देखें और चांद के दर्शन के बाद परिवार की परंपरा के अनुसार व्रत खोलें.
करवा चौथ 28 या 29 अक्टूबर को?
भारत में करवा चौथ का व्रत गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा. हिंदूं पंचांग के अनुसार, नई दिल्ली में कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को देर रात 1 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगी और उसी दिन रात 10 बजकर 9 मिनट पर समाप्त होगी. चंद्रोदय के समय चतुर्थी तिथि रहेगी.
दिल्ली में करवा चौथ पूजा का मुहूर्त
हिंदूं पंचांग के अनुसार, नई दिल्ली के लिए व्रत और पूजा का समय इस प्रकार है-
करवा चौथ- गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
सूर्योदय- सुबह 6:31 बजे
पूजा मुहूर्त- शाम 5:38 से 6:56 बजे तक
चंद्रोदय- रात 8:17 बजे
ये समय नई दिल्ली के लिए हैं. दूसरे शहरों में पूजा और चंद्रोदय के समय अलग हो सकते हैं.
चंद्रोदय के बाद भी चांद दिखने में देर क्यों होती है?
पंचांग में दिया चंद्रोदय का समय वह अनुमानित समय है, जब चंद्रमा स्थानीय क्षितिज के ऊपर आता है. लेकिन ऊंची इमारतों, पेड़ों, धुंध या बादलों की वजह से घर या छत से चांद कुछ देर बाद दिखाई दे सकता है. इसलिए रात 8:17 बजे चांद न दिखे तो इसका मतलब यह नहीं कि पंचांग का समय गलत है.
करवा चौथ का व्रत कैसे खोलते हैं?
परंपरा के अनुसार, शाम को करवा चौथ की पूजा और व्रत कथा के बाद चंद्रमा के उदय होने की प्रतीक्षा की जाती है. चांद दिखने पर उसे जल से अर्घ्य दिया जाता है. कई परिवारों में चलनी से चंद्रमा और फिर पति को देखने की परंपरा है. इसके बाद जल ग्रहण कर व्रत खोला जाता है. पूजा की विधि और रीति परिवार के अनुसार अलग हो सकती है.
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