
दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया था. उसके बाद पुलिस ने कार्रवाई भी की थी. अब नरोत्तम मिश्रा ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि ‘मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं’.
पूर्व गृहमंत्री ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा , ”एसपी साहब, मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूं, मैं याद रखता हूं. मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं. तीन तारीख का इंतजार कर रहे हैं.” उन्होंने ये भी कहा कि चक्का जाम हटाना प्रशासन का अधिकार था, लेकिन बीजेपी कार्यालय पर आंसू गैस के गोले दागने की क्या जरूरत थी. क्या कार्यालय की बिल्डिंग को सड़क पर रख दिया गया था? निर्दोष कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई और मारपीट किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है.”
‘किसी की हिम्मत नहीं कि मेरे कार्यकर्ताओं का नुकसान कर दे’
उन्होंने ये भी कहा, “किसी की हिम्मत नहीं कि मेरे कार्यकर्ताओं का नुकसान कर दे. अगर ऐसी नौबत आई तो मैं भी तुम्हारे साथ जेल जाऊंगा.” उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन कार्यकर्ताओं पर आंदोलन के दौरान मामले दर्ज हुए हैं, उनकी हर संभव मदद की जाएगी. हमारे पास घटनाओं के फुटेज मौजूद हैं और मैं इस पूरे मामले को नहीं भूलूंगा.”
आशुतोष तिवारी के समर्थन में एकजुट होने की अपील
दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार (16 जुलाई) को पहली बार पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. टिकट कटने के बाद आयोजित इस सम्मेलन में उन्होंने कार्यकर्ताओं से नाराजगी छोड़कर पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में एकजुट होकर चुनाव लड़ने की अपील की.
आशुतोष की क्षमता नहीं है टिकट काटने की- नरोत्तम मिश्रा
कार्यकर्ताओं के बीच चल रही नाराजगी पर प्रतिक्रिया देते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कुछ लोग यह कह रहे हैं कि आशुतोष तिवारी ने उनका टिकट कटवाया, जबकि ऐसा नहीं है. उन्होंने कहा, “आशुतोष की क्षमता नहीं है टिकट काटने की. टिकट काटने वाले कोई और हैं. वहां हमें बात करनी है और हम करेंगे, इसलिए गुस्सा गलत जगह नहीं निकालना है.” उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे व्यक्तिगत नाराजगी को छोड़कर पार्टी हित में काम करें और हर हाल में आशुतोष तिवारी को विजयी बनाएं.
बीजेपी के पक्ष में मतदान कराने का संकल्प
सम्मेलन के दौरान डॉ. मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को पीतांबरा माई की शपथ दिलाते हुए बीजेपी के पक्ष में मतदान कराने का संकल्प दिलाया. उन्होंने कहा कि वे हमेशा अपने चुनाव से अधिक दूसरे चुनावों में पार्टी के लिए मेहनत करते रहे हैं और इस बार भी संगठन सर्वोपरि है. अपने संबोधन में नरोत्तम मिश्रा भावुक भी नजर आए. उन्होंने कहा कि टिकट कटने के बाद जिस तरह कार्यकर्ताओं ने उनका साथ दिया, उसे वे कभी नहीं भूलेंगे. उन्होंने कहा, “मैं तुम्हारे मन को समझ रहा हूं, तुम भी मेरे मन को समझने की कोशिश करो. रास्ते में कई कार्यकर्ता मिले, किसी के सिर पर चोट थी तो कोई आंसू गैस से घायल हुआ. यह सब देखकर मुझे भी पीड़ा हुई.”
टिकट कटने के बाद पहली बैठक
गौरतलब है कि बीजेपी द्वारा डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के बाद उनके समर्थकों में भारी नाराजगी देखने को मिली थी. कार्यकर्ताओं ने बीजेपी जिला कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया था और पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के बहिष्कार तक की घोषणा कर दी थी. अब पहली बार आयोजित इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में विधानसभा क्षेत्र से कार्यकर्ता पहुंचे, जहां डॉ. मिश्रा ने सभी को समझाया और संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहने की अपील की.
आशुतोष तिवारी ने क्या कहा?
सम्मेलन में मौजूद बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि अगर प्रशासनिक कार्रवाई से किसी कार्यकर्ता को परेशानी हुई है तो वे हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहेंगे. उन्होंने कहा, “माई साक्षी हैं, जब तक हमारे तन में प्राण हैं, कार्यकर्ताओं के सम्मान पर किसी प्रकार की आंच नहीं आने देंगे.”
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