

लखनऊ:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई की है. सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र स्थित ओमेक्स रेजीडेंसी में संचालित एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया किया गया है. एडीसीपी क्राइम किरन यादव के नेतृत्व में आधी रात को हुई छापेमारी में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि 8 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
मौके से जुटाए गए सबूत
क्राइम ब्रांच की टीम ने छापेमारी के दौरान कॉल सेंटर से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कंप्यूटर सिस्टम, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी कब्जे में लिए हैं. जब्त की गई सामग्री की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिससे ठगी के नेटवर्क और उसके ऑपरेशन संचालन से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके.
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हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पुलिश पूछताछ कर रही है. शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि गिरोह विदेशों में बैठे लोगों को तकनीकी सहायता, बैंकिंग या अन्य सेवाओं के नाम पर फोन कर साइबर ठगी को अंजाम देता था. हालांकि, पुलिस ने अभी इस पूरे मॉड्यूल का विस्तृत खुलासा नहीं किया है.
क्राइम ब्रांच का कहना है कि मामले में डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. पुलिस जल्द ही पूरे नेटवर्क और बरामदगी को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती है.





