
क्या आप भी अपने दिन की शुरुआत एक कप कड़क कॉफी के साथ करते हैं?अगर हां, तो यह आपके लिए अच्छी खबर है. अक्सर लोग सोचते हैं कि कॉफी सिर्फ नींद भगाने या सुस्ती दूर करने के काम आती है. लेकिन हाल ही में हुई एक नई रिसर्च ने सबको चौंका दिया है. इस स्टडी के मुताबिक, रोज़ाना कॉफी पीने से आपका लिवर गंभीर बीमारियों और यहां तक कि लिवर कैंसर से भी बच सकता है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जो लोग दिन में 5 या उससे ज्यादा कप कॉफी पीते हैं, उन्हें इसका सबसे ज्यादा फायदा मिला है.
लेकिन रुकिए! इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप आज से ही भर-भर कर कॉफी पीना शुरू कर दें. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस खबर के पीछे का पूरा सच जानना आपके लिए बहुत ज़रूरी है.
कैसे हुई यह बड़ी रिसर्च?
यह रिसर्च ‘क्लिनिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिकल एंड हेपेटोलॉजी’ नाम के एक बड़े मेडिकल जर्नल में छपी है. इसमें यूके (UK) बायोबैंक के करीब 3.55 लाख (3,55,000) वयस्कों (Adults) पर 10 साल से भी ज्यादा समय तक नज़र रखी गई. लिवर की सेहत पर कॉफी के असर को जानने के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी स्टडीज में से एक है.
रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों ने लोगों की कॉफी पीने की आदतों, उनके लिवर के एमआरआई (MRI) स्कैन, खून की जांच और लंबे समय के हेल्थ रिकॉर्ड्स को बहुत बारीकी से देखा.

लिवर को कैसे फायदा पहुंचाती है कॉफी. (Image NDTV)
रिसर्च में क्या-क्या बातें सामने आईं?
जो लोग बिल्कुल कॉफी नहीं पीते, उनके मुकाबले रोज़ कॉफी पीने वालों में लिवर की बीमारियों का खतरा बहुत कम देखा गया.
- लिवर सिरोसिस- (Cirrhosis) रोज़ 5 या उससे ज्यादा कप कॉफी पीने वालों में लिवर सिकुड़ने यानी सिरोसिस का खतरा 32% कम पाया गया.
- लिवर कैंसर- (Liver Cancer) सबसे बड़ा फायदा कैंसर में देखा गया. ज्यादा कॉफी पीने वालों में लिवर कैंसर का खतरा 47% तक कम हो गया, यानी सीधे-सीधे आधा!
- लिवर से होने वाली डेथ- लिवर की बीमारियों की वजह से होने वाली मौतों का खतरा भी 42% तक कम दर्ज किया गया.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
लॉस एंजिल्स के सीडर्स-सिनाई मेडिकल सेंटर के लिवर एक्सपर्ट डॉक्टर ह्युनसोक किम ने बताया, “इस स्टडी की सबसे खास बात यह है कि हमें सिर्फ अंदाज़ा नहीं लगा रहे हैं, बल्कि हमारे पास एमआरआई स्कैन और ब्लड टेस्ट के सबूत हैं, जो दिखाते हैं कि कॉफी सचमुच लिवर को अंदर से सेहतमंद बनाती है.
कॉफी में ऐसा क्या है जो लिवर को बचाता है?
वैज्ञानिकों का मानना है कि कॉफी में कई तरह के कुदरती तत्व (Natural Compounds) होते हैं. इनमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और पॉलीफेनोल्स पाए जाते हैं. ये तत्व लिवर की सूजन (Inflammation) को कम करते हैं और लिवर की कोशिकाओं (Cells) को खराब होने से बचाते हैं. इसके अलावा, कॉफी लिवर में एक्स्ट्रा फैटको जमने से रोकती है. सबसे मजेदार बात यह है कि रिसर्च में नॉर्मल कॉफी और बिना कैफीन वाली (Decaf) कॉफी, दोनों का असर एक जैसा देखा गया. इसका मतलब है कि लिवर को बचाने का काम सिर्फ कैफीन नहीं, बल्कि कॉफी में मौजूद दूसरे अच्छे तत्व कर रहे हैं.
किस तरह की कॉफी पीना है फायदेमंद-
अगर आप कॉफी में ढेर सारी चीनी, आर्टिफिशियल स्वीटनर या गाढ़ी मलाईदार क्रीम है, तो आपको यह फायदा नहीं मिलने वाला. स्टडी में देखा गया कि जो लोग कॉफी में स्वीटनर मिलाकर पीते हैं, उनके लिवर में सूजन के लक्षण ज्यादा दिखे. इसलिए अगर लिवर को फायदा पहुंचाना है, तो कम से कम चीनी या बिना चीनी वाली ब्लैक कॉफी पीना ही सबसे बेस्ट ऑप्शन है.
क्या आज से ही 5 कप कॉफी पीना शुरू कर दें?
जवाब है- बिल्कुल नहीं, एक्सपर्ट्स इसके लिए साफ मना करते हैं. इसके दो बड़े कारण हैं-
यह एक ऑब्जर्वेशनल स्टडी है- इसका मतलब यह है कि रिसर्च में सिर्फ एक लिंक देखा गया है. यह 100% साबित नहीं हुआ है कि सिर्फ कॉफी पीने से ही लिवर की बीमारियां पूरी तरह रुक जाएंगी. हो सकता है कॉफी पीने वालों की दूसरी आदतें भी अच्छी हों.
कैफीन के नुकसान- हर इंसान के शरीर की झेलने की क्षमता अलग होती है. बहुत ज्यादा कॉफी या कैफीन लेने से आपको घबराहट (Anxiety), नींद न आना, दिल की धड़कन तेज होना और पेट खराब होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. खासकर प्रेग्नेंट महिलाओं और बीपी के मरीजों को कैफीन से दूर रहने की सलाह दी जाती है.
हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड जैसे दुनिया के बड़े संस्थानों से पढ़ाई कर चुके मशहूर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी के अनुसार, अगर कॉफी को सही तरीके से और सही मात्रा में पिया जाए, तो यह आपकी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.
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