
- मंत्री ने भाजपा पर पलटवार कर राम मंदिर जांच मांगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे के दौरान संभावित ट्रेड डील को लेकर हिमाचल के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का स्वागत है, लेकिन इनमें हिमाचल के बागवानों और किसानों के हितों की हर हाल में रक्षा होनी चाहिए. उनका कहना है कि आयात शुल्क में कटौती का सीधा असर प्रदेश के सेब उत्पादकों और किसानों पर पड़ सकता है.
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील में सेब पर आयात शुल्क कम किए जाने के बाद अब न्यूजीलैंड के साथ संभावित व्यापार समझौते को लेकर भी बागवानों में चिंता है. उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया के विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौते करने चाहिए और इससे किसी को आपत्ति नहीं है.
विक्रमादित्य सिंह ने ट्रेड डील पर क्या कहा?
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यूरोपीय देशों, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका और अन्य देशों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत होना देश के हित में है, लेकिन इन समझौतों में हिमाचल के बागवानों और किसानों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए.
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यदि सेब, स्टोन फ्रूट, डेयरी उत्पाद और अन्य कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क लगातार कम किए जाते हैं तो विदेशी उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते दामों पर पहुंचेंगे, जिसका सीधा नुकसान हिमाचल के बागवानों और किसानों को उठाना पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि ऐसे सभी मामलों पर गंभीर मंथन की आवश्यकता है और जब भी प्रदेश के किसानों और बागवानों के हित प्रभावित होंगे, कांग्रेस सरकार उनकी आवाज मजबूती से उठाएगी और उनके हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेगी.
बीजेपी पर किया पलटवार
वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के बयान पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि किसी को यह अधिकार नहीं है कि वह किसी की आस्था पर सवाल उठाए या हिंदू होने का प्रमाण पत्र बांटे. साथ ही उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा और भूमि घोटाले के आरोपों की सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने की मांग दोहराई.
‘पूजा-अर्चना करना प्रत्येक व्यक्ति का निजी निर्णय’
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से उनका सम्मान करते हैं, लेकिन इस तरह की बयानबाजी से प्रदेश के लोगों की भावनाएं आहत होती हैं. उन्होंने कहा कि यह तय करना किसी राजनीतिक दल या नेता का अधिकार नहीं है कि कौन कितना धार्मिक है और कौन मंदिर जाएगा या नहीं. मंदिर जाना और पूजा-अर्चना करना प्रत्येक व्यक्ति का निजी निर्णय है और इसके लिए किसी से प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है.
सिंह ने की राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच की मांग
उन्होंने कहा कि वह स्वयं राम मंदिर निर्माण में आर्थिक सहयोग कर चुके हैं और प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में भी शामिल हुए थे. इसलिए यदि कहीं चंदे या जमीन खरीद-फरोख्त में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं तो उसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है. विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि करोड़ों रुपये के भूमि सौदों और चंदे से जुड़े मामलों की सच्चाई सामने आनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि इन आरोपों की जांच सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए.
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