मध्य प्रदेश

हिमाचल में मानसून का कहर, करंट लगने-पेड़ गिरने और सड़क हादसों में 6 की हुई मौत


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  • अब तक 6 लोगों की मौत, 10 घायल; 44 लाख का नुकसान.

हिमाचल प्रदेश में मानसून के कारण कई इलाकों में तबाही मच गई है. यहां लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की 2 जुलाई को सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 46 सड़कें बंद हैं, 181 बिजली ट्रांसफार्मर (DTR) बाधित हुए हैं और 6 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं.

सबसे अधिक असर मंडी जिले में देखने को मिला रहा है, जहां 15 सड़कें बंद हैं और 122 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं. वहीं, कुल्लू में 18 सड़कें, सिरमौर में 9 सड़कें, ऊना में 2 सड़कें और लाहौल-स्पीति में 2 सड़कें अवरुद्ध हैं.

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बिजली ट्रांसफार्मर हो रहे प्रभावित

रिपोर्ट के अनुसार, चंबा जिले में दो दिन के भीतर ही 12 ट्रांसफार्मर, सिरमौर में 43, कुल्लू में 3 और लाहौल-स्पीति में 1 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए है. पेयजल आपूर्ति पर भी असर पड़ा है. बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल में 6 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं.

लाहौल-स्पीति में अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से सरचू मार्ग युरमथ के पास बंद होने की सूचना है. वहीं, ऊना जिले में अजोली-सनोली मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर यातायात को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया जा रहा है.

अब तक 6 लोगों की गई जान

राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ (SEOC) की 1 जुलाई तक की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में आपदाओं और सड़क हादसों में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं. कुल 44.40 लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, आपदा जनित घटनाओं में 4 लोगों की मौत हुई है. इनमें कांगड़ा जिले में 3 तथा मंडी जिले में 1 व्यक्ति की जान गई है. मौतों के कारणों में करंट लगना, पेड़/चट्टान गिरना तथा अन्य हादसे शामिल हैं. वहीं, सड़क दुर्घटनाओं में 2 लोगों की मौत हुई है, जिनमें कांगड़ा और लाहौल-स्पीति में एक-एक व्यक्ति की जान गई.

24 पुशओं की मौत, 44.40 लाख रुपये की क्षति

प्रदेश में अब तक 24 पशुओं के नुकसान की सूचना है. निजी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है, जिसमें एक कच्चा मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, एक दुकान/फैक्ट्री तथा एक गौशाला प्रभावित हुई है. सबसे अधिक आर्थिक नुकसान मंडी जिले में 24 लाख रुपये और कांगड़ा में 16 लाख रुपये का हुआ है. कुल मिलाकर प्रदेश में मानसून से 44.40 लाख रुपये की क्षति का आंकलन किया गया है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और नदी-नालों के समीप न जाने की अपील की है. मौसम विभाग ने आगामी दिनों में कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है.

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