

उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो देश के कई राज्यों में मोबाइल टावरों से करोड़ों रुपये के हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी कर उनकी खरीद-फरोख्त करता था. स्वाट टीम, अपराध शाखा और ट्रोनिका सिटी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों के पास से करीब एक करोड़ रुपये कीमत के चोरी के उपकरणों के साथ एक लग्जरी बीएमडब्ल्यू कार भी बरामद हुई है.
पुलिस ने तीनों आरोपियों को उस वक्त दबोचा, जब वे ट्रोनिका सिटी इलाके में एक मोबाइल टावर से रिमोट रेडियो यूनिट चोरी कर रहे थे. पूछताछ और निशानदेही के आधार पर पुलिस ने 20 RRU, 7 BBU (बेस बैंड यूनिट), चेकिंग मशीन, चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार और बीएमडब्ल्यू कार जब्त की है.
विदेशों तक फैला है नेटवर्क
एडिशन कमिश्नर राजकरण नैयर के मुताबिक, यह गिरोह गाजियाबाद, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, बिहार, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में मोबाइल टावरों को निशाना बनाता था. आरोपी टावरों से BBU और RRU जैसे महंगे उपकरण चुराकर उन्हें स्क्रैप कारोबारियों के जरिए आगे बेचते थे. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि चोरी का यह माल विदेश (खासकर थाईलैंड और हांगकांग) तक भेजा जाता था. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है.
गिरफ्तार आरोपी कौन?
आमिर मुख्य आरोपी है. गाजियाबाद पुलिस पूछताछ में 10वीं पास आमिर ने बताया कि पढ़ाई छोड़ने के बाद उसने स्क्रैप का काम शुरू किया था. वर्ष 2023 में गांव में एक जमीनी विवाद के दौरान हत्या के मामले में वह जेल गया था. जेल में उसकी मुलाकात अनस नाम के अपराधी से हुई, जिसने उसे मोबाइल टावरों से RRU और BBU डिवाइस चोरी करने के मुनाफे के बारे में बताया. इसके बाद वह इस धंधे में उतर गया. वर्ष 2025 में वह गाजियाबाद से जेल गया और 2026 में छूटने के बाद उसने अदनान के साथ मिलकर दोबारा चोरी शुरू कर दी. आमिर को प्रत्येक उपकरण के 70 से 80 हजार रुपये मिलते थे. उस पर पहले से ही हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं.
दूसरा आरोपी अदनान उर्फ अज्जू 12वीं पास है. अदनान मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला है. पिता की मृत्यु के बाद वह फरीदाबाद के सेक्टर-31 में पिता की स्क्रैप की दुकान संभालने लगा. वर्ष 2025 में आमिर से मुलाकात के बाद वह इस गिरोह में शामिल हो गया. अदनान इन चोरी के उपकरणों को आगे मेरठ के सोनू, शहनवाज और इनामी अपराधी जावेद को बेचता था, जहां से ये उपकरण थाईलैंड और हांगकांग भेजे जाते थे.
तीसरा आरोपी सौरभ 10वीं पास है. सौरभ गाजियाबाद नगर निगम में सफाई कर्मचारी है. ज्यादा मुनाफे के लालच में वह आमिर के संपर्क में आया और अपने साथियों के साथ मिलकर मोबाइल टावरों से उपकरण चुराकर आमिर को देने लगा. इस काम के बदले सौरभ को प्रति उपकरण 20 से 30 हजार रुपये मिलते थे.
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्होंने पंजाब, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में चोरी की दर्जनों वारदातों को अंजाम दिया है. पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इस पूरी सप्लाई चेन को खंगालने में जुटी है.





