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 MP Politics: ‘लैंड यूज बदलकर हो रहा करोड़ों का खेल’, दिग्विजय सिंह ने RSS और राम मंदिर पर भी उठाए सवाल | MP Politics ‘Multi-crore racket involving land-use change’; Digvijaya Singh also raises questions about the RSS and the Ram Mandir



मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने सूबे की सियासत को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है. बड़वानी पहुंचे दिग्विजय सिंह ने एक प्रेस वार्ता के दौरान मोहन यादव सरकार को घेरते हुए कथित जमीन घोटाले, अवैध खनन, आरएसएस (RSS) और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे कई गंभीर मुद्दों पर तीखे तीर चलाए. इस दौरान उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का बचाव भी किया और उन्हें अपने पुत्र समान बताया.

हाल ही में सुर्खियों में आए कथित जमीन घोटाले पर बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने साफ किया कि जिस न्यास (Trust) को जमीन आवंटित की गई है. वह पूरी तरह से एक शासकीय न्यास है. इसके रजिस्ट्रेशन में किसी भी निजी व्यक्ति का नाम शामिल नहीं है. इस न्यास के अध्यक्ष खुद मुख्यमंत्री, उपाध्यक्ष संस्कृति मंत्री और सचिव एक सरकारी अफसर होते हैं. जीतू पटवारी के अलग बयान पर स्थिति स्पष्ट करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह तकनीकी जानकारी शायद जीतू पटवारी के पास नहीं थी, इसलिए उन्होंने ऐसा बयान दिया. मेरी उनसे इस विषय पर बात हो चुकी है और वह मेरे पुत्र समान हैं.

अवैध रेत खनन और शराब कारोबार पर भी साधा निशाना

इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में सिर्फ जमीन का ही खेल नहीं चल रहा, बल्कि रेत का अवैध उत्खनन और अवैध शराब का कारोबार भी धड़ल्ले से पैर पसार चुका है. दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि कृषि भूमि का ‘लैंड यूज’ बदलकर उसे रातोंरात आवासीय और व्यावसायिक घोषित कर दिया जाता है, जिससे जमीन की कीमत कई गुना बढ़ जाती है. चूंकि लैंड यूज बदलने का अधिकार सीधे मुख्यमंत्री के पास होता है, इसलिए इस पूरे मामले की जवाबदेही मुख्यमंत्री की बनती है और उन्हें जनता को जवाब देना चाहिए.

 मनोज सेन पर दी भी प्रतिक्रिया

कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता मनोज सेन की सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उठाए गए सवालों पर दिग्विजय सिंह ने बेहद सधे हुए अंदाज में कहा कि अगर उन्हें ऐसा लगता है, तो यह उनकी व्यक्तिगत सोच हो सकती है. वहीं, पूर्व सीएम कमलनाथ के सियासी परिदृश्य से गायब होने की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि कमलनाथ कहीं लापता नहीं हुए हैं, वे लगातार अपने क्षेत्र छिंदवाड़ा का दौरा कर रहे हैं और वहां सक्रिय हैं.

 “मठ मंदिरों पर कब्जा कर रहा RSS”

दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर अब तक का सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि ये दोनों संगठन देश के कई ऐतिहासिक मठों और मंदिरों पर अवैध रूप से अपना नियंत्रण स्थापित कर रहे हैं.

 मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की मांग

यही नहीं, उन्होंने कोविड काल के दौरान आरएसएस द्वारा खर्च किए गए करोड़ों रुपयों पर भी सवाल खड़े किए. पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने इस भारी भरकम राशि के सोर्स की जानकारी के लिए देश के वित्त मंत्री को पत्र लिखा है. उन्होंने मांग की है कि अगर जरूरत पड़े, तो इस पूरे धनबल की जांच मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत की जानी चाहिए.

 राम मंदिर चंदे और यूसीसी (UCC) पर भी साधा निशाना

अयोध्या के राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और उसके इस्तेमाल को लेकर भी दिग्विजय सिंह ने शंका जाहिर की. उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों से राय मशविरा कर रहे हैं और जल्द ही वह खुद इस पर एक अदालत में मुकदमा दायर करेंगे. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वह राम मंदिर निर्माण के लिए एक नहीं, बल्कि दो बार चंदा दे चुके हैं.

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वहीं, समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर कांग्रेस का रुख साफ करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी इसके वर्तमान स्वरूप का पूरी तरह विरोध करती है. देश में इसे जबरन थोपकर लागू करने से पहले सभी धर्मों, जनजातियों और समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों से व्यापक स्तर पर चर्चा की जानी बेहद जरूरी है.





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