मध्य प्रदेश के भिंड जिले में जमीन के छोटे से टुकड़े ने रिश्तों को खून-खराबे में बदल दिया. 3 बीघा पुश्तैनी जमीन को लेकर चल रहे पुराने विवाद ने शनिवार को भयावह रूप ले लिया, जब चचेरे भाइयों के बीच गोलीबारी हो गई. इस दौरान सेना में कार्यरत परसराम भदौरिया गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई है.
पुश्तैनी जमीन बना विवाद की जड़
यह घटना मेहगांव थाना क्षेत्र के बिरंगबा गांव की है. परसराम भदौरिया और उनके चचेरे भाई पृथ्वी सिंह भदौरिया के बीच 3 बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. बताया जाता है कि यह जमीन पहले परिवार के बड़े सदस्य द्वारा लला कुशवाह को दान में दी गई थी, लेकिन बाद में इसे वापस लेने की कोशिश शुरू हुई.
पैसे देने के बाद भी नहीं मिला कब्जा
जानकारी के अनुसार, जमीन वापस दिलाने के लिए दोनों पक्षों ने लला कुशवाह को 20-20 हजार रुपये भी दिए थे. लेकिन उनके निधन के बाद परिजनों ने जमीन लौटाने से इनकार कर दिया. इसी बीच पृथ्वी सिंह ने जमीन पर कब्जा कर लिया, जबकि परसराम कुशवाह परिवार के समर्थन में खड़े हो गए.
कहासुनी से शुरू हुआ विवाद, फिर फायरिंग
शनिवार को एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए. पहले कहासुनी और गाली-गलौज हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों तरफ से गोलीबारी हुई. इसी दौरान पृथ्वी सिंह की गोली परसराम की पीठ में जा लगी, जिससे वे मौके पर ही गिर पड़े.
गंभीर हालत में फौजी, ग्वालियर रेफर
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 और पुलिस मौके पर पहुंची. घायल परसराम को तुरंत मेहगांव अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर ग्वालियर रेफर कर दिया. फिलहाल वे अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं.
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
फायरिंग के बाद आरोपी पृथ्वी सिंह भदौरिया मौके से फरार हो गया. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई है, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है. मेहगांव टीआई महेश शर्मा ने कहा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
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दिलीप सोनी
संवाददाता





