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चाहे हम आज हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध पर हमारा डीएनए योग वाला: बाबा रामदेव | Whether we are Hindu Muslim Sikh Christian Jain or Buddhist today our DNA is that of Yoga says Baba Ramdev


योगा डे से पहले बाबा रामदेव से शनिवार को एनडीटीवी ने एक्सक्लूसिव बातचीत की. इस दौरान बाबा रामदेव ने योग के गुर भी सिखाए. उन्होंने कहा कि योग शरीर की ताकत को तो बढ़ाता ही है. मगर साथ ही हेल्दी भी रखता है. ये शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से शरीर को स्वस्थ रखता है. बाबा रामदेव ने कहा कि सनातन मात्र प्रवचन का विषय नहीं है, बल्कि जीवन जीने का विषय है. हम सब योगियों की संतान हैं. हमारे डीएनए में योग है. आज चाहे हम हिंदू हैं, मुसलमान हैं, सिख हैं, ईसाई हैं, जैन हैं, बौद्ध हैं पर हमारा डीएनए योग वाला है. हमारे पंथ अलग हो सकते हैं, हमारी जाति, वर्ग, संप्रदाय अलग हो सकते हैं, लेकिन हमारा डीएनए योग वाला है.

बाबा रामदेव ने आगे कहा, ‘पचास सालों से योग कर रहा हूं. 35-40 सालों से करा रहा हूं और आगे मैं देखता हूं योग का भविष्य या यूं कहें कि दुनिया का भविष्य तो वो योग ही है. मोटापा, बीपी, शुगर, लीवर, किडनी, स्ट्रेस, एंजाइटी, डिप्रेशन, हिंसा जैसी समस्या पूरी दुनिया झेल रही है. इन सब समस्याओं का हल योग ही है. मतलब योग को हम सिर्फ व्यायाम, प्राणायाम, ध्यान तक ही सीमित मत रखें. सच में योग में अप्रतिम सामर्थ्य है.’

योग को सभी के लिए जरूरी बताते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि बच्चों के लिए योग, युवाओं के लिए योग, जेन जे के लिए योग, विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका के लिए योग. सबके लिए योग. और इस योग के अनुष्ठान में जब हमारा जीवन प्रवाहमान होता है ना तो जीवन रूपांतरित हो जाता है. योगगुरु ने आगे कहा कि योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को मेरा प्रणाम है. उन्होंने 177 देशों को इंटरनेशनल योग डे के लिए सहमत कराया. उन्होंने ही पूरी दुनिया में योग को मान्यता दिलाई. 

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विजय शंकर पांडेय

चीफ सब एडिटर

देश और दुनिया देखने और समझने का कौतूहल बचपन से रहा. हिन्दी और संस्कृत से मेलजोल पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण हुआ. युवा होते ही राजनीति दिलचस्प लगने लगी…
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