
जयपुर के शिवदासपुरा इलाके में व्यापारी हरिशंकर की मौत के मामले से पर्दा उठ गया है. पुलिस ने मृतक के साढ़ू भाई और उसके दोस्त को गिरफ़्तार किया है. जानकारी के अनुसार, 40 लाख रुपये के लेनदेन की वजह से व्यापारी हरिशंकर की हत्या हुई थी. हत्या के बाद आरोपी लाश को कार की डिक्की में डालकर पूरे जयपुर शहर में घुमाते हत्यारे रहे. पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो हत्या का राज खुल गया. व्यापारी हरिशंकर की 13 जून को शिवदासपूरा इलाक़े में ख़ाली प्लॉट में वैगनार कार की डिक्की में लाश मिली थी.
40 लाख रुपये को लेकर था विवाद
पुलिस ने बताया कि मृतक के साढ़ू भाई सीता राम और उसके सहयोगी संदीप को गिरफ़्तार कर लिया है. आरोपी मृतक से 40 लाख रुपये मांगता था और मृतक उसे देने में एतराज़ कर रहा था. इसी बात पर दोनों का विवाद चल रहा था. आरोपी ने मृतक को भिदानी में अपने बाड़े में बुलाया और वहां पर दोनों की हाथापाई हुई और मारपीट में मृतक हरिशंकर नीचे गिर गया और दहलीज़ से उसका सर टकरा गया, जिसकी वजह से खून निकल आए. मौक़े पर आरोपी सहयोगी संदीप भी था.
दोनों आरोपियों ने हॉस्पिटल पहुंचाने की जगह मृतक को वहीं तड़पने दिया, जिससे हरिशंकर की मौत हो गई. बाद में लाश पर कट्टे में लपेटकर वैगनार गाड़ी में रख दिया और पूरे जयपुर शहर में घुमाते रहे. सुनसान इलाक़े में लाश ठिकाने लगाने की जब जगह नहीं मिली तो वापस अंधेरे में घटनास्थल अपने बाड़े में चले गए और वहीं पर लाश कार में छोड़कर भाग गए.
आरोपी सीताराम ने दोस्त से ली कार
आरोपी सीताराम ने कार अपने दोस्त की ली, उसे नहीं बताया कि वह कार किसी काम से ले रहा है. वहीं लाश ठिकाने के लिए तीसरे व्यक्ति के संपर्क किया और उसे 10 लाख का लालच दिया, लेकिन तीसरे व्यक्ति ने यह जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी सीता राम को गिरफ़्तार किया. वहीं सीता राम ने अपने सहयोगी संदीप का नाम बताया, जिसके बाद संदीप को भी पुलिस ने अजमेर से गिरफ़्तार किया. मर्डर के ख़ुलासे के लिए स्पेशल टीम से संतोष और लालाराम ने कड़ी मेहनत की.
पुलिस को मौक़े का CCTV फ़ुटेज भी मिला है, जिसमें पाने की टंकी से आरोपी उनके हाथ धोते हुए दिखाई दे रहे हैं. वहीं कार को ले जाते हुए लाश को ठिकाने लगाते हुए दिखाई भी दे रहा है. मृतक सीता राम की पत्नी की सड़क हादसे में मौत हो गई. वहीं तीन बेटियां थीं, अब तीनों बेटियों का सहारा भी चला गया.

आरोपी सीताराम बागड़ा- संदीप शर्मा
DCP साउथ राजर्षि राज ने बताया कि पुलिस जब आरोपी को पकड़ने गई तो उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की. आरोपी सीता राम ने अपने साढ़ू भाई का स्टेटस भी लगाया कि वह लापता है. उसकी जानकारी मिले तो सूचना दें. ताकि परिवार और दोस्तों में किसी को आरोपी सीता राम पर शक न हो. आरोपी हॉस्टल चलाता है. वहीं मृतक सीमेंट बिल्डिंग मैटीरियल का काम करता है. दोनों में पैसों के लेन चल रहा था. फ़िलहाल गिरफ़्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है.
लेखक के बारे में
दीपक चावला
रिपोर्टर, जयपुर
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