

Patna Ganga Ghat News: बिहार की राजधानी पटना में गंगा घाटों की स्वच्छता और देखरेख को और अधिक बेहतर व पारदर्शी बनाने के लिए पटना नगर निगम ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है. नगर निगम के नए आदेश के अनुसार, अब गंगा घाटों पर तैनात सफाई कर्मचारियों को बायोमेट्रिक मशीन के जरिए अपनी रोजावा हाजिरी दर्ज करनी होगी. इस व्यवस्था से से प्रशासन यह सुनिश्चित कर सकेगा की गंगा घाटों की सफाई में कोई लापरवाही न बरती जा सके.
13 जून से नई व्यवस्था लागू
पटना नगर निगम के आयुक्त यशपाल मीणा की और से 13 जून को इस संबंध में अधिकारी पत्र जारी कर दिया गया है. जिसमें आदेश दिया है कि अब पटना के गंगा घाटों पर सफाई करने वाले कर्मचारी को बायोमेट्रिक अटेंडेंस देना अनिवार्य होगा.
वार्ड और घाट कर्मियों के ‘कॉकटेल’ को खत्म करने की कवायद
पटना नगर निगम ने बताया कि यह सख्त फैसला इसलिए लेना पड़ा कि पिछले कुछ दिनों से पटना के गंगा घाटों की सफाई को लेकर घालमेल देखने को मिल रहा था. दरअसल, गंगा घाटों और नगर निगम के विभिन्न वार्ड के लिए अलग-अलग कर्मी की संख्या स्वीकृत है लेकिन काफी समय से ऐसा पाया जा रहा है कि गंगा घाटों के कर्मी और वार्ड के कर्मी एक साथ मिलकर काम कर रहें हैं.
इससे तरह से काम करने के कारण कामों की गुणवत्ता और निगरानी दोनों पर प्रभाव पड़ रहा हैं, जिससे घाटों की सही तरीके से देखरेख और सफाई नहीं हो पा रही है. इसके कारण अब नगर निगम ने यह निर्देश दिया है की गंगा घाटों की सफाई के लिए अलग से डेडीकेटेड रूप से सफाई कर्मियों को लगाया जाए जिनका काम घाटों की और शमशान घाटों की सफाई का देखरेख करना होगा.
घाट पर लगेगी कर्मियों की लिस्ट
जारी निर्देश में यह भी बताया गया है कि जिन सफाईकर्मियों की ड्यूटी घाट पर लगेगी उनके नाम और नंबर उन घाटों पर लगाई जाएगी. इसको लेकर नगर निगम की तरफ से जून महीने में ही निर्देश जारी कर दिए थे. इसके अलावा पटना के गंगा घाटों पर और वार्डों में काम करने वाले कर्मियों की अलग से लिस्ट जारी करने का निर्देश भी दे दिया गया है.
ड्यूटी पर आने के बाद देनी होगी बायोमेट्रिक हाजिरी
इसके साथ ही जब सफाईकर्मी घाटों पर अपनी ड्यूटी पर आएंगे तब उन्हें बायोमेट्रिक के जरिए पोर्टेल पर अटेंडेंट दर्ज करानी होगी,जिससे वह अपने कार्य अवधि में घाट पर तैनात रहेंगे और पूर्ण सफाई को सुनिश्चित करेंगे. इन कर्मचारियों को मुख्य रूप से गंगा के घाटों और शमशान घाटों की सफाई का ध्यान रखना होगा. घाटों पर अवस्थित स्थल और बैठने के जगह की सफाई करने के लिए इन्हें अलग-अलग टीमों में लगाया जाएगा.
साथी साथ इन कर्मचारियों के बायोमेट्रिक रजिस्टर और उनकी उपस्थिति को और उनके कार्य की निगरानी को देखने के लिए डेडीकेटेड कर्मी भी नियुक्त किए जाएंगे.
कचरा नदी में फेंका तो खैर नहीं
गंगा घाटों पर जो कूड़ा एकत्रित होता हैं, उन्हें शत प्रतिशत उनका उठाओ सुनिश्चित करना होगा और साथ ही कूड़े को नदी में नहीं प्रभावित किया जाए इसकी देखरेख करनी होगी. इस काम को करने वाली एजेंसी को बायोमेट्रिक मशीन उपलब्ध कराने के आदेश नगर निगम के तरफ से दे दिए गए हैं. साथी यह भी कहा गया है कि इस आदेश का पालन नहीं करने वालों को गंभीरता से लिया जाएगा.
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