

आज के समय में महिलाओं में PMOS की परेशानी काफी ज्यादा कॉमन हो चुकी है. कम उम्र के महिलाएं भी इस परेशानी से जूझ रही हैं. PMOS (Polycystic Ovary Syndrome) की समस्या न सिर्फ हार्मोन अनबैलेंस तक सीमित है, बल्कि इसकी वजह से गट हेल्थ भी प्रभावित हो सकती है. ऐसे में जिन महिलाओं को PMOS की परेशानी है, उनका गट हेल्थ बिगड़ा हुआ रहता है. हाल ही में AIIMS की एक रिसर्च में महिलाओं की इस परेशानी को कम करने का हल निकलकर सामने आया है. जी हां, AIIMS के शोधकर्ताओं की इस नई स्टडी में सामने आया है कि अगर आप नियमित रूप से योग करती हैं, तो इससे PMOS की वजह से होने वाली गट हेल्थ की परेशानी को कम किया जा सकता है. यहां इस खबर के बारे में विस्तार से समझते हैं-
पीओएमएस और गट हेल्थ के बीच क्या है कनेक्शन?
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि पीओएमएस से जूझ रही महिलाओं में हार्मोनल गड़बड़ी, अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याओं होने लगती है. हाल के कुछ वर्षों में कई रिसर्च में ये भी पाया गया है कि PMOS का कनेक्शन आंतों में मौजूद गुड और बैड बैक्टीरिया के संतुलन से भी हो सकता है. इसी कड़ी में किए गए नए रिसर्च में योग के प्रभाव का अध्ययन किया गया.
स्टडी में क्या सामने आया?
AIIMS के रिसर्चर्स ने पाया कि नियमित रूप से योग करने वाली महिलाओं में गट माइक्रोबायोम से जुड़े कुछ पॉजिटिव बदलाव देखने को मिले. रिसर्च के नतीजे इस ओर संकेत करते हैं कि योग आंतों के बैक्टीरिया के संतुलन को बेहतर बनाने में भूमिका निभा सकता है, जिससे पूरे हेल्थ पर भी पॉजिटिव असर पड़ सकता है.
रिसर्चर्स का मानना है कि योग स्ट्रेस को कम करने, शरीर की सूजन घटाने और हार्मोनल संतुलन को बेहतर बनाने में मदद करता है. यही वजह है कि इसका असर गट हेल्थ पर भी देखने को मिल सकता है.
PMOS महिलाओं के लिए क्यों फायदेमंद हो सकता है योग?
नियमित रूर से अगर आप योग करते हैं, तो इससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि नियमित रूप से योग करने से स्ट्रेस लेवल को कम किया जा सकता है. साथ ही ये नींद की गुणवत्ता में सुधार कर सकता है और शरीर की कार्यप्रणाली को बेहतर करने में प्रभावी हो सकता है. PMOS से जुड़ी कई समस्याओं में ये सभी कारक अहम भूमिका निभाते हैं. हालांकि, रिसर्चर्स का कहना है कि इस विषय पर अभी और अध्ययन की जरूरत है. योग और गट हेल्थ के बीच संबंध को बेहतर तरीके से समझा जा सके.
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