खबर

60 साल पुराना शर्मिला-शम्मी का गाना, कश्मीर की खूबसूरत वादियों में हुआ शूट, मोहम्मद रफी और आशा भोसले की आवाज में अमर | 60 year old Sharmila Tagore Shammi Kapoor Song shot in Kashmir Mohammed Rafi Asha Bhosle Soul touching voices



नई दिल्ली:

शर्मिला टैगोर का जन्म 8 दिसंबर 1944 को यूनाइटेड प्रोविंसेस के कानपुर  में हुआ था. उनके पिता गितेंद्रनाथ टैगोर, ‘ब्रिटिश इंडिया कॉरपोरेशन’ में मैनेजर थे और उनकी मां का नाम इरा टैगोर था. उनका संबंध नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर, अभिनेत्री देविका रानी और चित्रकार अवनींद्रनाथ टैगोर से है. उनकी मां असमिया मूल की थीं और बरुआ परिवार से आती थीं. शर्मिला टैगोर ने सेंट जॉन्स डायोसेसन गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल और आसनसोल के लोरेटो कॉन्वेंट में पढ़ाई की. उन्होंने 13 साल की स्कूली छात्रा के रूप में फिल्मों में कदम रखा.  

 एक्ट्रेस ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत सत्यजीत रे की बंगाली महाकाव्य ड्रामा फिल्म ‘अपुर संसार’ (1959) से की, जिसमें उन्होंने एक बदकिस्मत दुल्हन की भूमिका निभाई थी.  बाद में उन्होंने शक्ति सामंत की म्यूजिकल रोमांस फिल्म ‘कश्मीर की कली’ (1964) से बॉलीवुड में डेब्यू की. इसमें उनके साथ शम्मी कपूर थे. हालांकि आज हम शर्मिला के उस गाने के बारे में बात करने जा रहे हैं, जो कश्मीर की  खूबसूरत वादियों में शूट हुआ. गाने के बोल हैं दीवाना हुआ बादल. यह गाना आज भी फैंस के टॉप लिस्ट में शामिल है. शादगी से भरे इस गाने में कश्मीर की प्राक़तिक खूबसूरती दिखाई गई है. यह गाना रूह को सुकून देता है. गाने में शर्मिला की खूबसूरती और शम्मी कपूर का मदमस्त अंदाज चार चांद लगाता है. 

कश्मीर की कली फिल्म के बारे में 
‘कश्मीर की कली ‘ 1964 में रिलीज हुई थी. यह एक लवस्टोरी है, जिसका निर्देशन शक्ति सामंत ने किया था. फिल्म में शम्मी कपूर , शर्मिला टैगोर, प्राण , धूमल , नजीर हुसैन और अनूप कुमार अहम रोल में थे. संगीत ओपी नैय्यर ने दिया था और गीत एस.एच. बिहारी ने लिखे थे. यह उस वर्ष की छठी सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म बनी. इस फिल्म को तेलुगु में श्रुंगारा रामुडु के रूप में रीमेक किया गया था.

गाने के बोल 

ये देख के दिल झूमा
ली प्यार ने अंगड़ाई
दीवाना हुआ बादल
सावन की घटा छाई

ऐसी तो मेरी तकदीर न थी
तुमसा जो कोई महबूब मिले
दिल आज खुशी से पागल है
ऐ जान ए वफा तुम खूब मिले
ऐ जान ए वफा तुम खूब मिले
दिल क्यूं ना बने पागल
क्या तुमने अदा पाई

जब तुमसे नजर टकराई सनम
जज़्बात का इक तूफान उठा
तिनके की तरह मैं बह निकली
तिनके की तरह मैं बह निकली
सैलाब मेरे रोके न रुका
जीवन में मची हलचल
और बजने लगी शहनाई

है आज नये अरमानों से
आबाद मेरी दिल की नगरी
बरसों से खिजा का मौसम था
बरसों से खिजा का मौसम था
वीरान बड़ी दुनिया थी मेरी
वीरान बड़ी दुनिया थी मेरी

हाथों में तेरा आंचल
आया जो बहार आई
ये देखके दिल झूमा
ली प्यार ने अंगड़ाई




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button