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फ्लाइट टिकट कैंसिल होने पर वापस मिलेगा GST का पैसा! GSTAT ने सुनाया बड़ा फैसला, जानें किसे होगा फायदा? | GST Refund on Cancelled Flight Tickets GSTAT Allows Refund to Singapore Airlines know flight ticket cancellation refund rules



GST Refund on Cancelled Flight Tickets: फ्लाइट कैंसिल होने पर अगर आपको टिकट का पैसा वापस मिल गया है, तो अब उसपर GST रिफंड को लेकर भी राहत की खबर है. GST अपीलीय ट्रिब्यूनल (GSTAT) ने फैसला दिया है कि अगर एयरलाइन ने यात्री को टिकट का पूरा किराया और GST दोनों लौटा दिए हैं, तो वह सरकार से GST रिफंड मांग सकती है. इसके लिए एयरलाइन के पास पैसेंजर को रिफंड किए गए टिकट के पैसे से जुड़े सही डॉक्यूमेंट्स भी होनी चाहिए. सिंगापुर एयरलाइंस के मामले में आए इस फैसले से एयरलाइंस को बड़ी राहत मिली है.

क्या है GSTAT का फैसला?

GSTAT की एर्नाकुलम बेंच ने Singapore Airlines Ltd. बनाम Kochi Commissioner of CGST & CE मामले में यह फैसला सुनाया है. ट्रिब्यूनल ने माना कि एयरलाइन ने यात्रियों को कैंसिल टिकटों का पूरा पैसा लौटाया था. ऐसे में GST का बोझ यात्रियों पर नहीं रहा और टैक्स का फायदा एयरलाइन ने अपने पास नहीं रखा.ट्रिब्यूनल ने विभाग को दो हफ्ते के अंदर एयरलाइन के रिफंड क्लेम पर कार्रवाई करने और ब्याज के साथ पैसा लौटाने का निर्देश दिया है. यह आदेश 16 अक्टूबर को दिया गया था.

कोरोना के दौरान कैंसिल हुई थीं फ्लाइट्स

यह मामला अक्टूबर 2019 से मार्च 2021 के बीच के आठ GST रिफंड क्लेम से जुड़ा है. इनकी कुल रकम 45,92,528 रुपये थी. कोरोना महामारी के दौरान सिंगापुर एयरलाइंस को कई फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ी थीं. एयरलाइन ने यात्रियों को टिकट का किराया और उस पर लिया गया GST भी वापस कर दिया था. हालांकि, एयरलाइन क्रेडिट नोट्स को अपने आउटपुट टैक्स के साथ एडजस्ट नहीं कर पाई. इसके बाद GST ज्वाइंट कमिश्नर ने उसके रिफंड क्लेम खारिज कर दिए. एयरलाइन ने इस फैसले को GSTAT में चुनौती दी.

यात्रियों को पैसा लौटाने का देना होगा सबूत

ट्रिब्यूनल ने माना कि एयरलाइन ने ऐसे डॉक्यूमेंट्स दिए, जिनसे साबित हुआ कि कैंसिल टिकटों का पैसा संबंधित यात्रियों को सीधे लौटाया गया था. इसलिए टैक्स का बोझ किसी दूसरे पर डालने या उसका फायदा अपने पास रखने का मामला नहीं बनता.

Nangia Global के पार्टनर राहुल शेखर ने कहा कि यह फैसला एयरलाइन इंडस्ट्री के लिए राहत देने वाला है. जब कोई लेनदेन रद्द हो जाता है और ग्राहक को पूरा पैसा लौटा दिया जाता है, तो GST कंपनी की लागत नहीं बनना चाहिए. उन्होंने कहा कि टैक्स अधिकारियों को सिर्फ तकनीकी कमियों के आधार पर असली रिफंड क्लेम खारिज करने के बजाय सभी दस्तावेजों को एक साथ देखना चाहिए.

हालांकि, कंपनियों के लिए रिफंड से जुड़े सही रिकॉर्ड रखना जरूरी है, ताकि यह साबित किया जा सके कि टैक्स का फायदा उन्होंने अपने पास नहीं रखा.

AMRG Global के मैनेजिंग पार्टनर रजत मोहन ने कहा कि ट्रिब्यूनल ने ऐसे मामले में रिफंड की मंजूरी दी, जहां कंपनी ने ग्राहकों को पैसा लौटा दिया था, लेकिन क्रेडिट नोट्स को एडजस्ट करने के लिए उसके पास कोई आउटपुट टैक्स देनदारी नहीं बची थी. ऐसे में टैक्स सरकार के पास ही रह गया था.

उन्होंने बताया कि इस मामले में टिकट के इनवॉइस, क्रेडिट नोट, यात्री को किए गए रिफंड और पेमेंट सेटलमेंट के रिकॉर्ड अहम साबित हुए. खासकर एजेंट के जरिए बेचे गए टिकटों के मामलों में कंपनियों को ऐसे डॉक्यूमेंट्स की पूरी लिस्ट तैयार रखनी होगी. 

हर कंपनी को नहीं मिलेगी रिफंड की गारंटी

जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) का यह फैसला एयरलाइंस और ट्रैवल इंडस्ट्री के लिए बड़ी राहत जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि फ्लाइट टिकट कैंसिल होने पर हर कंपनी को अपने आप रिफंड मिल जाएगा. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिंगापुर एयरलाइंस को रिफंड इसलिए मिला क्योंकि उनके पास पैसेंजर्स को पूरे पैसे किराया और GST लौटाने के पुख्ता सबूत थे.अगर कोई कंपनी यह साबित नहीं कर पाती है कि टैक्स का पैसा ग्राहक तक पहुंच चुका है खासकर एजेंटों के जरिए बेचे गए टिकटों के मामले में तो उन्हें जीएसटी विभाग से रिफंड मिलना आसान नहीं होगा.

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