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56 साल पुराना ये गाना सुनकर आज भी लोग कहते हैं, ‘कलियुग आ गया’, दिलीप कुमार की फिल्म का ये गीत फिर चर्चा में | Kali Yuga 56 year old dilip kumar song Ramchandra Keh Gaye Siya Se aisa kaliyug aaega mahendra kapoor voice made it evergreen



नई दिल्ली:

हिंदी सिनेमा के 70s के दशक में कुछ ऐसे गाने बने हैं, जो सिर्फ आपको एंटरटेन नहीं करते बल्कि जीवन की सच्चाई भी बताते हैं. आज हम 70 के दशक के एक ऐसे ही गाने की बात करेंगे जिसको सुनकर आज भी लोग अपने आसपास की दुनिया से जोड़ने लगते हैं. 1970 में एक ऐसा गाना आया जिसमें कलियुग की सच्चाई बताई गई है. बात हो रही है फिल्म ‘गोपी’ की जिसमें दिलीप कुमार और सायरा बानो ने अभिनय किया. फिल्म के एक गाने में समाज को आईना दिखाने वाली रचना भी शामिल की गई है. कहीं सही और गलत की पहचान पर सवाल है, तो कहीं ऐसे लोगों पर तंज, जो अपनी जगह के हकदार नहीं होते हैं. तो चलिए जामते हैं इस गाने की खासियत.

 महेंद्र कपूर की आवाज ने गाने को बनाया खास

साल 1970 में आई फिल्म ‘गोपी’ का गाना ‘रामचंद्र कह गए सिया से, ऐसा कलियुग आएगा’ जिसे महेंद्र कपूर ने अपनी दमदार आवाज में गाया था. गाने के बोल राजेंद्र कृष्ण ने लिखे थे और इसका संगीत तैयार किया था कल्याणजी-आनंदजी ने. बता दें कि इसके पहले दिलीप कुमार की आवाज के लिए मोहम्मद रफी की आवाज का इस्तेमाल होता था, लेकिन फिल्म ‘गोपी’ में महेंद्र कपूर ने दिलीप के लिए गाने गाए. म्यूजिशियन आनंदजी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म की हाई पिच वाले गानों के लिए उन्हें महेंद्र कपूर की आवाज सही लगी थी.

गाने के हर बोल में बताई गई कलियुग की सच्चाई

इस गाने को खास बनाते हैं इसके बोल. इसमें कलयुग की तस्वीर को पेश किया गया है. हंस और कौए का उदाहरण लेते हुए सही और गलत की पहचान पर सवाल उठाया गया है. यही वजह है कि गाने की लाइनें आज भी आम बातचीत में सुनाई दे जाती हैं. फिल्म का ये गाना भक्ति के रंग में सराबोर है. गाने का अंदाज ऐसा है कि सुनने वाला इसकी धुन के साथ-साथ इससे मिलने वाले मैसेज पर भी ध्यान देता है. गाने के बोल कुछ इस तरह हैं- 

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हे जी रे, हे जी रे…
हे रामचंद्र कह गए सिया से 
रामचंद्र कह गए सिया से
ऐसा कलियुग आएगा
हंस चुगेगा दाना-दुनका
हंस चुगेगा दाना-दुनका, कौआ मोती खाएगा

दिलीप कुमार और सायरा बानो की फिल्म ‘गोपी’ की कहानी

फिल्म का निर्देशन ए. भीमसिंह ने किया था. इस फिल्म में दिलीप कुमार, सायरा बानो, प्राण, ओम प्रकाश, निरुपा रॉय, फरीदा जलाल और जॉनी वॉकर ने अभिनय किया था. फिल्म की कहानी गोपी नाम के एक सीधे-सादे आदमी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिस पर चोरी करने का झूठा इल्जाम लगा दिया जाता है, जिसके बाद उसे घर छोड़ना पड़ता है. फिल्म में ‘रामचंद्र कह गए सिया से’ के अलावा मोहम्मद रफी का गाया ‘सुख के सब साथी, दुख में न कोई’ भी काफी पसंद किया गया था. 

आज भी इस गाने को सुनने पर लगता है कि अच्छे गाने समय के साथ पुराने नहीं होते. उनकी धुन याद रहती है और उनके बोल हर दौर में नए मायने तलाश लेते हैं, जो इस गाने को और खास बनाते हैं. 
 





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