

सऊदी अरब पर एक बार फिर हूतियों ने हमला किया है. सऊदी अरब की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने शनिवार को बताया कि यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई मिसाइलों को रोकने के बाद, मक्का और मदीना के इलाकों में मिसाइलों के टुकड़े (श्रापनेल) गिरे. मक्का और मदीना इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहर हैं.
सऊदी नागरिक सुरक्षा महानिदेशालय ने ‘X’ (ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, “आतंकवादी हूती मिलिशिया द्वारा मक्का अल-मुकर्रमा और मदीना अल-मुनव्वरा के इलाकों की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों के टुकड़े गिरे हैं.”
#الدفاع_المدني : سقوط شظايا اعتراض صاروخين باليستيين أطلقتهما الميليشيا الحوثية الإرهابية باتجاه منطقتي مكة المكرمة والمدينة المنورة. https://t.co/gV1ix7H29e
— الدفاع المدني السعودي (@SaudiDCD) October 24, 2026
एजेंसी ने आगे बताया कि ये टुकड़े मक्का के बाहर वादी मुघमास, जेद्दा के अल-नुझा इलाके, ताइफ के वादी जलील और राबिघ की एक निर्जन जगह पर गिरे. सऊदी सिविल डिफेंस एक सरकारी एजेंसी है जो सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करती है. आपातकालीन स्थितियों और आपदाओं के दौरान नागरिकों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा करना इसकी जिम्मेदारी है.
हूतियों ने तो किए कई बड़े दावे
इससे पहले दिन में, एजेंसी ने अपने चार पश्चिमी प्रांतों (जिनमें मक्का भी शामिल है) में “संभावित खतरे” की चेतावनी दी और वहां के निवासियों को “सबसे नजदीकी सुरक्षित स्थान पर जाने” का निर्देश दिया. यह घटनाक्रम हुतियों के उस दावे के कुछ घंटों बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने शुक्रवार और शनिवार को सऊदी अरब के कई ठिकानों को निशाना बनाया. इनमें तीन हवाई अड्डे, तेल से जुड़ी दो सुविधाएं, एक पाइपलाइन और एक एयर बेस शामिल हैं.
हुतियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने बताया कि उनके समूह ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित ‘किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ के साथ-साथ दम्माम और नजरां क्षेत्रों के हवाई अड्डों को निशाना बनाया. इसके अलावा, उन्होंने दक्षिणी खमीस मुशैत एयर बेस, और “पूर्व से पश्चिम की ओर जाने वाली कच्चे तेल की पाइपलाइन व पंपिंग स्टेशनों” पर भी हमले किए.
क्षेत्र में संघर्ष तेज होने के बीच, यमन की सऊदी-समर्थित सरकार ने शनिवार को बताया कि हुतियों ने अदन के दक्षिणी बंदरगाह पर स्थित कोस्ट गार्ड (तट रक्षक) ठिकानों की ओर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. इस तनाव ने 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए उस समझौते को खत्म कर दिया है, जिसने काफी हद तक सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन और हुतियों को सीमा पार हमले करने से रोके रखा था. यह गठबंधन यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है, जबकि राजधानी सना पर हुतियों का नियंत्रण बना हुआ है.
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