

Frequent Urination in Winter : ठंड में ज्यादा पेशाब क्यों लगती है?
ठंड शुरू होते ही कई लोगों की एक शिकायत बढ़ जाती है, जिसमें बार-बार पेशाब आना शामिल है. बार-बार पेशाब जब कुछ लोगों को आता है, तो उन्हें लगता है कि उन्होंने ज्यादा पानी पी लिया है या कोई स्वास्थ्य स्थिति है. लेकिन अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. अधिकतर मामलों में ये शरीर का एक सामान्य प्रोसेस है, जिसे मेडिकल भाषा में कोल्ड डाययूरेसिस कहा जाता है. ठंड के सीजन में शरीर खुद को गर्म रखने के लिए कुछ ऐसे बदलाव करता है, जिनका असर सीधे पेशाब की मात्रा पर पड़ता है. इस विषय की जानकारी के लिए हमने दिल्ली स्थित सीके बिड़ला हॉस्पिटल में यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर समीर खन्ना से बातचीत की. यहां जानते हैं ठंड में ज्यादा पेशाब क्यों लगती है?
ठंड पड़ते ही क्यों बढ़ जाती है पेशाब?
डॉक्टर कहते हैं कि जब बाहर का तापमान कम होता है, तो शरीर अपनी गर्मी बचाने की कोशिश करता है. इसके लिए स्किन के पास मौजूद ब्लड वेसेल्स सिकुड़ जाती हैं और ब्लड का फ्लो शरीर के अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ जाता है. इससे किडनियों तक ज्यादा ब्लड पहुंचता है और वे अतिरिक्त तरल पदार्थ को तेजी से फिल्टर करने लगती हैं. नतीजा ये होता है कि यूरिन ज्यादा बनता है और बार-बार पेशाब लगने लगती है.
पसीना कम आना भी है इसके पीछे का कारण
गर्मियों की तुलना में ठंड में पसीना काफी कम आता है. कुछ लोगों को तो इस सीजन में बिल्कुल भी पसीना नहीं आता है. ऐसे में शरीर में मौजूद अतिरिक्त पानी को शरीर से बाहर निकालने की जिम्मेदारी किडनी संभालती है. इसी वजह से ठंड के दिनों में पेशाब की मात्रा बढ़ जाती है.
रात में ज्यादा क्यों जाना पड़ता है?
कई लोगों को सर्दियों में रात के समय एक से ज्यादा बार उठकर वॉशरूम जाना पड़ता है. डॉक्टर का कहना है कि ठंड के मौसम में शरीर का फ्लूइड बैलेंस बदल जाता है, जिससे रात में भी पेशाब बनने का प्रोसेस काफी तेज हो जाता है. बुजुर्गों, प्रेग्नेंट महिलाओं और पहले से यूरिन संबंधी समस्या से जूझ रहे लोगों में ये परेशानी और भी ज्यादा बढ़ जाती है.
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