
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम समाधान कार्यक्रम में विभिन्न शिकायतकर्ताओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का निराकरण संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से करें. शिकायतों का प्रारंभिक स्तर पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें.
समाधान कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी योजना, आवास योजना के बिलों में गड़बड़ी, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना तथा नल-जल योजना से संबंधित शिकायतों पर चर्चा की गई. मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभारी डीपीओ ओ.पी. पांडे को संबंधित प्रकरण में कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए.
नल-जल योजना की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश
कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी अमर दाहिया को नल-जल योजना से संबंधित प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए कहा. ऊर्जा विभाग के उप महाप्रबंधक रघुवीर सिंह को शिकायत का समय पर निराकरण नहीं होने पर लघु शास्ति अधिरोपित करने के निर्देश दिए. नगर निगम आयुक्त सत्येन्द्र धाकरे को नगरीय निकायों से संबंधित प्रकरणों का अभिलेख तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए भी निर्देशित किया गया.
मुख्यमंत्री ने कहा आमजन से जुड़े मूलभूत विषयों और शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का प्रारंभिक स्तर पर ही समाधान कर दिया जाए, तो शिकायतों की संख्या में कमी लाई जा सकती है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों के कार्यों की निगरानी की जाती है और प्रस्तुत प्रतिवेदनों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन और प्रशासन का मूल उद्देश्य जनता के हित में कार्य करना तथा उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करना है. सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो और प्रत्येक शिकायत का निराकरण संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ किया जाए.
सीएम ने जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जनविश्वास अभियान के अंतर्गत मुरैना कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, कृषि एवं पशुपालन, सहकारिता, पर्यटन, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा जनसमस्याओं के निराकरण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की.
उन्होंने कहा कि यह समिति जिले के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है. जनप्रतिनिधि जिले की आवश्यकताओं, समस्याओं, संभावनाओं और विकास से संबंधित अपने सुझाव समिति के माध्यम से प्रस्तुत करें, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं तैयार कर उन्हें प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा सके.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रत्येक जिले को विकास का एक आदर्श मॉडल बनाना है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विकास कार्यों की समीक्षा करें, स्थानीय समस्याओं एवं कठिनाइयों को समझें तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और जनहित में नवाचार करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करें. उन्होंने कहा कि विकास की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ आमजन तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को दें प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मुरैना जिले में औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं. यहां स्थापित हो रही औद्योगिक इकाइयों से स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए. उन्होंने निर्देश दिए कि प्रस्तावित उद्योगों से उनकी मानव संसाधन संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी पहले ही प्राप्त कर ली जाए और उसी के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण दिलाया जाए, ताकि इकाइयों में उत्पादन प्रारंभ होने के साथ ही प्रशिक्षित स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ग्लास विनिर्माण इकाई का उदाहरण देते हुए कहा कि इस प्रकार की बड़ी औद्योगिक परियोजनाएं क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करती हैं. ऐसे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी आवश्यक है.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पराली से औद्योगिक उत्पाद तैयार करने वाली इकाइयों की सराहना करते हुए कहा कि कृषि अपशिष्ट का उपयोग कर नए उत्पाद बनाने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह किया कि वे नवाचार करने वाले उद्यमियों का उत्साहवर्धन करें, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मुरैना में फूड पार्क विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए. इससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा किसानों के उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर बढ़ेंगे. उन्होंने कहा कि उद्योगों का विस्तार स्थानीय संसाधनों और उपलब्ध संभावनाओं के अनुरूप किया जाना चाहिए, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिल सके.
‘दुग्ध उत्पादन-पशुपालन एवं सहकारिता को मिले प्रोत्साहन’
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. हमारा उद्देश्य दुग्ध उत्पादन, पशुपालन और कृषि को प्रोत्साहित करते हुए किसानों एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है. इसके लिए सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने तथा छोटे दुग्ध उत्पादकों को संगठित रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि गांवों में दुग्ध उत्पादकों को सहकारी समितियों के माध्यम से जोड़ने से दूध का संग्रहण एवं विपणन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा. इससे छोटे पशुपालकों को बाजार उपलब्ध होगा और उनकी आय बढ़ाने के अवसर सृजित होंगे.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वृंदावन ग्राम की अवधारणा पर चर्चा करते हुए कहा कि देशी नस्ल की गायों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए.
उन्होंने कहा कि वृंदावन ग्राम के माध्यम से गौपालन, दुग्ध उत्पादन और सहकारी गतिविधियों को प्रोत्साहन देकर गांवों में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जा सकता है. प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत गोशाला में 500 गायों के रखरखाव की परिकल्पना है. गायों के पालन-पोषण के लिए प्रति गाय प्रतिदिन 40 रुपये की सहायता दी जा रही है.
उन्होंने गोशालाओं के संचालन एवं प्रबंधन की व्यवस्था की समीक्षा करने तथा प्रत्येक जिले में इनकी स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई. साथ ही पशुओं की नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान और बेहतर नस्लों के संवर्धन के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया. विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सहकारी संस्थाओं के माध्यम से दुग्ध संग्रहण को व्यवस्थित करने से मुरैना जिले में पशुपालकों की आय बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं हैं.
मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों से किया संवाद,
मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित यशस्वी संवाद में प्रगतिशील किसानों एवं कृषि आधारित उद्यमियों से संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी ली. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से लाभान्वित उद्यमी से उन्होंने शहद उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात संबंधी गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की.
मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती एवं जैविक उत्पादों की संभावनाओं पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि किसानों को पारंपरिक कृषि के साथ मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण से जुड़ी गतिविधियों के लिए भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके.
उन्होंने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से भी संवाद किया और उनके द्वारा तैयार किए जा रहे जैविक गुड़ सहित अन्य उत्पादों की जानकारी प्राप्त की. उन्होंने कहा कि महिला स्वसहायता समूहों को स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका गतिविधियों से जोड़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
पर्यटन-वेलनेस एवं चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मुरैना जिले में पर्यटन के साथ ही जिले में प्राकृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन के साथ मेडिकल टूरिज्म और वेलनेस सेंटर विकसित करने की भी व्यापक संभावनाएं हैं. आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा पर आधारित वेलनेस केंद्रों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा सकता है.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निजी निवेश से स्थापित एसआर मेडिकल कॉलेज का जिक्र करते हुए कहा कि सीट आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है. चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा चिकित्सा पर्यटन की संभावनाएं भी विकसित होंगी.
मुख्यमंत्री ने की 5 खिलाड़ियों को पुरस्कार देने की घोषणा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जिले की खेल प्रतिभाओं से संवाद कर उनके अनुभवों और उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की. उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए राज्य शासन प्रतिबद्ध है. खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना तथा उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करना आवश्यक है.
मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दो-दो लाख रुपये तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की. मुरैना जिले के 5 खिलाड़ियों से भारत रावत, सौरभ रजक, रिंकी, नंदनी चौहान एवं अंकिता कुशवाह से संवाद किया और उन्हें पात्रता अनुसार पुरस्कार राशि देने की घोषणा की.
उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने में जिला विकास समिति, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका है. सभी को मिलकर ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें.
सीएम ने की विभिन्न विषयों की समीक्षा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जिले की विकास संबंधी आवश्यकताओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, जनसमस्याओं तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और प्रगति के नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है.
मध्यप्रदेश सरकार भी इन्हीं संकल्पों के अनुरूप किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, उद्योगों को प्रोत्साहित करने तथा पर्यटन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य कर रही है. विकास योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है.
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