धर्म

Navratri 2026: आज सौभाग्य योग के साथ गंडमूल का साया, क्या मां कात्यायनी की पूजा पर पड़ेगा असर?


Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि के छठे दिन आज 16 अक्टूबर, शुक्रवार को मां कात्यायनी की पूजा हो रही है. लेकिन आज के पंचांग में एक ऐसा संयोग है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं के मन में सवाल उठ सकता है. एक तरफ शुभ माने जाने वाले योग हैं, तो दूसरी तरफ पूरे दिन गंडमूल का प्रभाव रहेगा.

ऐसे में क्या आज देवी की पूजा करने के लिए विशेष मुहूर्त देखना जरूरी है? क्या गंडमूल में पूजा करने से उसका फल प्रभावित होता है? आइए जानते हैं पंचांग और ज्योतिषीय परंपराओं के अनुसार इसका क्या महत्व है.

आज सौभाग्य नहीं, शोभन योग! जानें पंचांग

सबसे पहले एक जरूरी बात. 16 अक्टूबर को सौभाग्य योग नहीं, बल्कि शोभन योग है. दिल्ली के पंचांग के अनुसार शोभन योग रात 10 बजकर 06 मिनट तक रहेगा. इसके बाद अतिगंड योग शुरू होगा.

आज सुबह 6 बजकर 47 मिनट तक ज्येष्ठा नक्षत्र था. इसके बाद मूल नक्षत्र शुरू हो गया. ज्येष्ठा और मूल दोनों ही गंडमूल नक्षत्रों में आते हैं. यही वजह है कि पंचांग में आज पूरे दिन गंडमूल बताया गया है.

ज्योतिष में शोभन योग को शुभ माना जाता है. वहीं गंडमूल का संबंध चंद्रमा की नक्षत्र स्थिति से है. दोनों की गणना अलग-अलग आधार पर होती है. इसलिए एक ही दिन शुभ योग और गंडमूल का होना कोई विरोधाभास नहीं है.

क्या गंडमूल में मां कात्यायनी की पूजा करना अशुभ है?

इसका जवाब है, नहीं. गंडमूल होने से नवरात्रि की नियमित पूजा बंद करने या टालने की जरूरत नहीं है.

ज्योतिषीय परंपरा में गंडमूल नक्षत्रों को कुछ नए मांगलिक कार्यों और विशेष मुहूर्तों के चयन में महत्वपूर्ण माना जाता है. लेकिन देवी की दैनिक आराधना, मंत्र जाप, आरती और पहले से चल रहे नवरात्रि अनुष्ठान पर ऐसी सामान्य रोक नहीं है.

दरअसल, गंडमूल का विचार विशेष रूप से जन्म नक्षत्र और कुछ संस्कारों के संदर्भ में किया जाता है. इसे हर तरह की पूजा के लिए अशुभ मान लेना सही नहीं होगा.

आज मां कात्यायनी की पूजा कब करें?

16 अक्टूबर को षष्ठी तिथि 17 अक्टूबर की सुबह 5 बजकर 54 मिनट तक रहेगी. दिल्ली के पंचांग के अनुसार आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक है. हालांकि सुबह 10:40 बजे से दोपहर 12:06 बजे तक राहुकाल भी रहेगा. इसलिए विशेष मुहूर्त चुनने वाले श्रद्धालु अभिजीत मुहूर्त के अंतिम हिस्से, दोपहर 12:06 से 12:29 बजे के बीच पूजा कर सकते हैं.

ध्यान रहे, यह समय दिल्ली NCR के लिए है. दूसरे शहरों में मुहूर्त में अंतर हो सकता है. नियमित नवरात्रि पूजा के लिए राहुकाल के कारण पूजा रोकना अनिवार्य नहीं है.

गंडमूल के प्रभाव को लेकर क्या करें?

आज मां कात्यायनी को फूल, धूप, दीप और अपनी परंपरा के अनुसार भोग अर्पित करें. देवी के मंत्र ‘ॐ देवी कात्यायन्यै नमः’ का जाप कर सकते हैं.

यदि परिवार में गंडमूल नक्षत्र से जुड़ा कोई विशेष संस्कार या शांति अनुष्ठान होना है, तो उसके लिए अलग से मुहूर्त देखना उचित रहेगा. लेकिन केवल गंडमूल होने के कारण देवी की पूजा छोड़ देना जरूरी नहीं है.

16 अक्टूबर को शोभन योग के साथ पूरे दिन गंडमूल रहेगा. इसका अर्थ यह नहीं कि मां कात्यायनी की पूजा अशुभ हो गई है. नवरात्रि की नियमित पूजा बिना किसी भय के की जा सकती है. विशेष मांगलिक कार्यों के लिए अलग मुहूर्त देखना बेहतर रहेगा.

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