धर्म

Mahabharat: कैसे सच्चे प्रेम और भीम के पराक्रम ने अधर्म पर दिलाई विजय?


लाक्षागृह से बचने के बाद पांडव अपनी माता कुंती के साथ घने जंगल में पहुंचे. रात होने पर सभी विश्राम करने लगे, लेकिन भीम पहरेदारी कर रहे थे. उसी जंगल में हिडिंब नामक भयानक राक्षस रहता था. मानव गंध पाकर उसने अपनी बहन हिडिंबा को वहां भेजा, ताकि वह पांडवों को पकड़कर उसके पास ले आए.

लाक्षागृह से बचने के बाद पांडव अपनी माता कुंती के साथ घने जंगल में पहुंचे. रात होने पर सभी विश्राम करने लगे, लेकिन भीम पहरेदारी कर रहे थे. उसी जंगल में हिडिंब नामक भयानक राक्षस रहता था. मानव गंध पाकर उसने अपनी बहन हिडिंबा को वहां भेजा, ताकि वह पांडवों को पकड़कर उसके पास ले आए.

जब हिडिंबा ने भीम को देखा तो वह उनके अद्भुत व्यक्तित्व और बल से प्रभावित हो गई. जिस उद्देश्य से वह आई थी, वह भूल गई. उसके मन में प्रेम जाग उठा. उसने सुंदर स्त्री का रूप धारण किया और भीम के पास पहुंचकर उन्हें अपने भाई के खतरे के बारे में बताया. अब उसके सामने प्रेम और कर्तव्य का संघर्ष था.

जब हिडिंबा ने भीम को देखा तो वह उनके अद्भुत व्यक्तित्व और बल से प्रभावित हो गई. जिस उद्देश्य से वह आई थी, वह भूल गई. उसके मन में प्रेम जाग उठा. उसने सुंदर स्त्री का रूप धारण किया और भीम के पास पहुंचकर उन्हें अपने भाई के खतरे के बारे में बताया. अब उसके सामने प्रेम और कर्तव्य का संघर्ष था.

Published at : 13 Jun 2026 06:00 AM (IST)

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