
आजमगढ़ में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सीएम योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर हमला किया. इस दौरान उन्होंने कहा दोनों नेता एक दूसरे को चुनौती देने के बजाय अखिलेश यादव को गोरखपुर और सीएम योगी को सँभल से चुनाव लड़ना चाहिए तब पता चल जाएगा कि जनता किसे कितना समर्थन देती है.
असदुद्दीन ओवैसी ने इस दौरान आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपने प्रत्याशियों को जिताने की अपील की. उन्होंने कहा कि अब किसी की गुलामी नहीं करनी है बल्कि, सभी को अपना नेता खुद बनना होगा. हम केवल यहां के लोगों को उनका हक और अधिकार दिलाना चाहते हैं.
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असदुद्दीन ओवैसी ने साधा निशाना
सपा मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि युवाओं को अपनी जवानी अपने माता-पिता के नाम कुर्बान करनी चाहिए, न कि अखिलेश यादव के नाम. अखिलेश ने हमेशा मुसलमानों का इस्तेमाल सत्ता की सीढ़ी चढ़ने के लिए किया लेकिन, उन्हें कभी बराबरी का हक नहीं दिया.
ओवैसी ने कहा कि सैफई में इतने स्कूल कॉलेज है कि आप गिनती नहीं कर पाओगे जबकि आजमगढ़ में लाल टोपी ने कुछ नहीं दिया. समाजवादी पार्टी के दो सांसद, दस विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि होने के बावजूद जिले की सड़कों की स्थिति बदहाल है. आजमगढ़ में विकास के लिए जिस तरह के प्रयास होने चाहिए, वे दिखाई नहीं दे रहा हैं.
सीएम योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने की चुनौती ओवैसी ने कहा कि सीएम योगी को संभल से जबकि अखिलेश यादव को गोरखपुर से चुनाव मैदान में उतरना चाहिए. दोनों नेता एक-दूसरे को चुनौती देने के बजाय इन सीटों से चुनाव लड़कर दिखाएं, तब पता चल जाएगा कि जनता किसे कितना समर्थन देती है.
यूपी में एनकाउंटर पर उठाए सवाल
ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में हो रहे एनकाउंटरों और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि एनकाउंटरों का नाम प्रधानमंत्री के नाम पर योजना रख देना चाहिए और चुनाव आयोग का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सरकार बनाओ कार्यालय कर देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों के घरों, दुकानों, मस्जिदों और कब्रिस्तानों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की गई है.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान सरकार ने जिस तरह से पाबंदियां लगाईं और युवाओं को हिरासत में लिया, उससे उनके हौसले नहीं टूटने वाले हैं. उन्होंने उन विपक्षी दलों पर भी सवाल उठाए, जो दिल्ली के प्रदर्शन में उनके शामिल नहीं होने को लेकर सवाल कर रहे हैं.
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