
चंडीगढ़:
केंद्रीय एजेंसियों ईडी और सीबीआई के विरोध में बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मंत्रियों, विधायकों और नेताओं ने पटियाला, अमृतसर, लुधियाना और बरनाला में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया. आप के कार्यकर्ता और नेता केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों और दबाव की राजनीति के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की. आप नेताओं ने कहा कि जहां भी गैर-भाजपा और विपक्ष की सरकारें हैं, केंद्र सरकार राजनीतिक दबाव बनाने के लिए ईडी और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करती है. इससे पहले, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों में इन एजेंसियों का दुरुपयोग देखा जा चुका है.
आप नेताओं ने साफ किया कि यह पूरी साजिश पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार को बदनाम करने और उसके काम में रुकावट डालने के लिए रची जा रही है. विरोध प्रदर्शन के दौरान पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा ने मान सरकार को बदनाम करने के लिए सीबीआई को 8 जगहों पर रेड की गई, लेकिन सीबीआई को कुछ नहीं मिला. उन्होंने कहा कि हरियाणा में, जहां 650 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ, वहां ईडी या सीबीआई ने रेड नहीं की. चुनाव आयोग के विरुद्ध और भाजपा पर खुद उठे सवालों से ध्यान भटकाने के लिए सारा ड्रामा रचा गया.

अमृतसर में विरोध प्रदर्शन को लीड करते हुए आप विधायक जीवनजोत कौर ने कहा कि ईडी-सीबीआई रेड करवाकर भाजपा ने आने वाले चुनावों का बिगुल बजा दिया है. उन्होंने कहा कि भाजपा को मान सरकार के विकास के कामों का बराबर फायदा नहीं मिल रहा है, इसीलिए वह एजेंसियों के ज़रिए हमें दबाना चाहती है. दूसरे राज्यों में उनकी दादागिरी काम कर गई होगी, लेकिन पंजाबी इस गुंडागर्दी को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे.
बरनाला में प्रदर्शन के दौरान आप सासंद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने कहा कि भाजपा का पिछले 14 सालों से चुनाव लड़ने का तरीका और उसका इतिहास सबके सामने है. जहां भी चुनाव होते हैं, दूसरी पार्टियां अपने अलग-अलग विंग के साथ मीटिंग करके तैयारी करती हैं, जबकि भाजपा अपनी पार्टी के विंग के तौर पर काम कर रही ईडी और सीबीआई को भेजकर कार्रवाई शुरू करती है.
मीत हेयर ने कहा कि हमें पहले से पता था कि भाजपा पंजाब में चुनाव के आखिरी तीन-चार महीनों में यही काम करेगी. हम उनकी गुंडागर्दी का डटकर मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. दिल्ली, बंगाल और दूसरे राज्यों में भी वोट काटकर और सेंट्रल एजेंसियों का डर दिखाकर चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की गई. पंजाब सरकार के साढ़े पांच साल के कार्यकाल में भाजपा को भ्रष्टाचार का कोई मुद्दा नहीं मिला, इसीलिए अब बिना वजह मुद्दे ढूंढकर आम आदमी पार्टी को बदनाम करने की साजिशें रची जा रही हैं.
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