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Exclusive: बजट अनुमान से बेहतर रहेगी नॉमिनल GDP ग्रोथ, NDTV को PM के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने बताया | NDTV Exclusive Nominal GDP Growth To Beat Budget Target Says CEA Anantha Nageswaran



मिडिल ईस्ट में जारी संकट के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि अप्रैल-मई में मंडरा रहे आर्थिक संकट के बाद अब भारत राहत की सांस ले रहा है. उन्होंने NDTV इग्नाइट’ कॉन्क्लेव में अपनी बात रखी. NDTV के CEO और एडिटर इन चीफ राहुल कंवल के साथ खास बातचीत में नागेश्वरन ने कहा मौजूदा वित्त वर्ष के बजट में नॉमिनल GDP ग्रोथ का जो अनुमान 10.1% लगाया गया था, उसके 12 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है. उन्होंने उम्मीद जताते हुए बताते हैं कि भारत अपने सबसे मुश्किल दौर से आगे बढ़ रहा है. चीन में घरेलू अर्थव्यवस्था की लगातार सुस्ती तेल की कीमतें कम करने और यूरिया के निर्यात के लिए बाजार खोलने में बड़ी भूमिका निभा रही है. ये दोनों ही बातें भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मददगार साबित हो रही हैं.

‘चीन में मंदी भारत के लिए मददगार’

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत मिलने के पीछे चीन की आंतरिक आर्थिक स्थिति को एक बड़ी वजह बताया. उन्होंने कहा कि चीन की इकॉनमी में सुस्ती जारी है. इससे वहां क्रूड ऑयल की मांग काफी कम रही. इसके अलावा अमेरिका के स्ट्रेटजिक पेट्रोलियम रिजर्व से अतिरिक्त आपूर्ति होने की वजह से ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें कंट्रोल में है. इसका फायदा भारत को भी हो रहा है.

उन्होंने यह भी कहा कि चीन की मंदी के कारण वहां यूरिया की खपत भी कम हुई है, जिससे चीन ने इसके निर्यात के लिए बाजार खोल दिए हैं. इसका नतीजा यह है कि युद्ध शुरू होने से पहले से भी कम कीमत पर यूरिया मिल रहा है. इससे भारत के राजकोषीय बजट और खेती की लागत दोनों को फायदा होगा.

बजट अनुमान से बेहतर रहेगी नॉमिनल GDP ग्रोथ

मिडिल ईस्ट संकट के बीच डॉ. नागेश्वरन ने भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक और राहत का आंकड़ा पेश किया. NDTV से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में केंद्रीय बजट में नॉमिनल GDP ग्रोथ का अनुमान 10.1% लगाया गया था. लेकिन इकॉनमी को देखते हुए अब इसके 12 फीसदी रहने की संभावना है, जो बजट अनुमान से 2 प्रतिशत ज्यादा है. यह सरकार को टैक्स रिवेन्यू हासिल करने में मदद करेगा.

अप्रैल-मई के डर के बाद अब ‘राहत की सांस’

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने यह भी कहा कि फरवरी में जब मिडिल ईस्ट में जंग शुरू हुई थी, तो अप्रैल और मई में इसके भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर को लेकर चिंताएं थीं. लेकिन जून में स्थितियां बदली हैं. मार्च और अप्रैल के हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स बताते हैं कि देश में घरेलू मांग मजबूत है. सरकार ने बॉन्ड मार्केट विदहोल्डिंग टैक्स, सॉवरेन बॉन्ड्स पर कैपिटल गेन्स टैक्स छूट और आरबीआई की FCNRB योजना कदम उठाए हैं, जिसका भी फायदा देश की अर्थव्यवस्था को मिल रहा है.

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या बोले मुख्य आर्थिक सलाहकार?

डॉ. नागेश्वरन ने देश में पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब साढ़े 7 रुपये का इजाफा किया जा चुका है. इससे भारत के लिए कच्चे तेल की कीमत को करीब 85 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक कवर कर लिया है. उन्होंने आगे कहा कि अगर क्रूड ऑयल की कीमत 88 से 89 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहती है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमत और बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

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