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जावेद अख्तर का लिखा 18 साल पुराना गाना, बेटे-बहू ने दिवंगत पिता का नहीं किया श्राद्ध, अंजान ने दिलाई भूत को मुक्ति, हर बेटे के लिए देखना जरूरी | Javed Akhtar 18 year old song son and daughter in law failed to perform Shraddh rituals for late father make this is must watch for every son



नई दिल्ली:

श्राद्ध का महीना चल रहा है. सनातन धर्म में 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले इन 16 दिनों में पितृपक्ष का खास महत्व होता है, जिसमें पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान किया जाता है ताकि उनकी आत्मा को शांति मिले और आशीर्वाद परिवार पर हर पल बना रहे. इसी विधि पर बने एक 18 साल पुराने गाने के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं, जिसके बोल जावेद अख्तर ने लिखे थे. लेकिन कहानी एक पिता की थी, जिसे बेटे और बहू ने ठुकरा दिया और फिर अंजान ने उसका श्राद्ध करके मुक्ति दिलाई. बुजुर्गों के दिलों पर छाप छोड़ने वाले इस गाने के हरिहरन और सुखविंदर सिंह ने अपनी आवाज से सजाया था. 

अंजान ने किया श्राद्ध 

हम बात कर रहे हैं 2008 में आई फिल्म भूतनाथ की, जिसकी कहानी कैलाश नाथ (अमिताभ बच्चन) की है, जिसकी पत्नी की मृत्यु के बाद उसके बेटे बहू विदेश चले जाते हैं क्योंकि वह अपना घर बेचना नहीं चाहता. वहीं बेटे के जाते ही उसकी मौत सीढ़ियों से गिरकर हो जाती है. इसके बाद बेटा पिता का श्राद्ध तक नहीं करता. इसके चलते उसके मन में क्रोध भरा हुआ होता है, जिसके कारण वह अपने घर में किसी को टिकने नहीं देता और डराकर भगा देता है. लेकिन सालों बाद एक परिवार अंजलि (जूही चावला), पति आदित्य (शाहरुख खान) और बेटा बंकू गोवा में कैलाशनाथ की पुरानी हवेली “नाथ विला” में रहने आता है. इसके बाद दोनों की लड़ाई के बाद गहरी दोस्ती हो जाती है और आखिर में बंकू की मदद से भूतनाथ (कैलाशनाथ) को श्राद्ध करके शांति मिलती है.

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जावेद अख्तर ने लिखे थे गाने के बोल

श्राद्ध की पूजा के दौरान एक गाना आता है, जिसका टाइटल है समय का पहिया. इसके बोल जावेद अख्तर ने लिखे थे. जबकि   हरिहरन और सुखविंदर सिंह ने गाया था. वहीं विशाल शेखर ने इसका म्यूजिक कंपोज किया था. हालांकि इस गाने के बीच में अमिताभ बच्चन की आवाज भी सुनाई देती है. 

गाने के बोल हैं…

क्रोध के बोझ को मन पर उठते काहे चलता है प्राणी
क्षमा जो शत्रु को भी कर दे वही मुक्त है वही ज्ञानी
समय का पहला चलता है, दिन ढलता है, रात आती है
रात में जब एक छोटा सा नन्हा सा दीपक जलता है
उसे जरासी ज्योत शाही, पर दूर से उसे देख कोई बरसो का मुसाफिर
गिरते गिरते संभलता है
समय का पहला चलता है, दिन ढलता है, रात आती है
रात में जब एक छोटा सा नन्हा सा दीपक जलता है
उसे जरासी ज्योत शाही, पर दूर से उसे देख कोई बरसो का मुसाफिर
गिरते गिरते संभलता है
समय का पहला चलता है, दिन ढलता है, रात आती है
मैंने जाते जाते जाना कौन है अपना कौन पराया
मैंने जाते जाते जाना कौन है अपना कौन पराया
बस तू ही मेरा अपना है, बस तू प्यार निभाया
काम क्रोध और लोभ मैं धज कर जा सकता हूं
तुझको चाहु भी तो मैं कैसे भुला सकता हूं
तेरा प्यार भी एक बंधन है, तू ही बताता है
क्या मैं मुक्ति पा सकता हूं

भूतनाथ के बारे में 

2008 में रिलीज हुई फिल्म में अमिताभ बच्चन और अमन सिद्धिकी अहम किरदार में नजर आए थे. जबकि शाहरुख खान का कैमियो था. वहीं जूही चावला, राजपाल यादव और प्रियांशु चटर्जी अहम किरदार में नजर आए थे. फिल्म का डायरेक्शन विवेक शर्मा ने किया था. जबकि 20 करोड़ के बजट में फिल्म ने 38.8 करोड़ का कलेक्शन हासिल किया था. 

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