मध्य प्रदेश

Himachal News: महंगाई और गैस संकट पर कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला, श्वेत पत्र जारी करने की मांग


हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने महंगाई, पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों और रसोई गैस के गहराते संकट को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है. हिमाचल कांग्रेस के उप सचेतक (Deputy Chief Whip) केवल सिंह पठानिया ने केंद्र सरकार से इन तमाम मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए एक ‘श्वेत पत्र’ (White Paper) जारी करने की मांग की है. कांग्रेस का आरोप है कि साल 2014 में महंगाई कम करने के बड़े-बड़े वादे करके सत्ता में आई सरकार आज आम जनता को बढ़ती कीमतों के बोझ तले दबा रही है.

कांग्रेस के प्रमुख आरोप

केवल सिंह पठानिया और अन्य कांग्रेस नेताओं ने आंकड़ों के जरिए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए:

  • ईंधन की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि: वर्ष 2014 में डीजल की कीमत 50-60 रुपये प्रति लीटर थी, जो आज 90 रुपये के पार पहुंच गई है. वहीं, पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार बिक रहा है. ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत (Transportation Cost) बढ़ी है, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं पर पड़ा है.
  • रसोई गैस का बजट बिगड़ा: 2014 में जो घरेलू गैस सिलेंडर लगभग 494 रुपये में मिलता था, वह आज 1000 रुपये के आंकड़े को छू रहा है. इससे आम और मध्यमवर्गीय परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह से चरमरा गया है.
  • रुपये की गिरती साख: डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में लगातार आ रही गिरावट के कारण आयातित वस्तुएं महंगी हो रही हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई दोनों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है.

हिमाचल में मौसम बदला: 6 दिन बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के आसार, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

हिमाचल में गैस आपूर्ति पर श्वेत पत्र की मांग

कांग्रेस ने विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश में रसोई गैस की कमी का मुद्दा उठाया. नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई हिस्सों में घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कांग्रेस ने मांग की है कि केंद्र सरकार हिमाचल में गैस आपूर्ति की वास्तविक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करे और जनता को बताए कि इस कमी का मुख्य कारण क्या है तथा इसे सुलझाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं.

गग्गल हवाई अड्डा विस्तार

इस प्रेस वार्ता के दौरान, उप सचेतक केवल पठानिया ने हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा लिए गए एक बड़े और मानवीय फैसले की भी जानकारी दी.

  • 16.76 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता: गग्गल (कांगड़ा) हवाई अड्डे के विस्तार की जद में आने वाले उन 113 परिवारों के लिए राज्य सरकार ने 16.76 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद को मंजूरी दी है, जो वहां सरकारी जमीन पर अपनी दुकानें और व्यवसाय चला रहे थे.
  • मानवीय आधार पर फैसला: जिन लोगों की अपनी निजी जमीन अधिग्रहित की जा रही है, उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा दिया ही जा रहा है. लेकिन ये 113 परिवार ऐसे थे जिनके पास उस जमीन का मालिकाना हक नहीं था. इसके बावजूद, राज्य सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उनके पुनर्वास और मदद के लिए यह बड़ा कदम उठाया है.

कांग्रेस का कहना है कि एक तरफ जहां राज्य सरकार मानवीय आधार पर लोगों को राहत दे रही है, वहीं केंद्र सरकार अपनी नीतियों से आम जनता पर महंगाई का बोझ लाद रही है.

Hamirpur News: ओमान तट पर तेल टैंकर हमले में हमीरपुर के नाविक आदित्य शर्मा की मौत, गांव में छाया शोक



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button