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छोटे घर में मां की खांसी सुनाई देती थी, बड़े बंगले में जान चली गई- जब जैकी श्रॉफ का मां को खोने का छलका दर्द | Jackie Shroff heartbreaking confession In small home heard mother cough In big house i lost her



नई दिल्ली:

बॉलीवुड के सुपरस्टार जैकी श्रॉफ वो एक्टर हैं जो अपने बिंदास अंदाज के लिए पहचाने जाते हैं. जब भी उन्हें देखो तो मस्तमौला नजर आते हैं और प्रकृति को बचाने की बात करते हैं. लेकिन हर हंसते चेहरे के पीछे एक दर्दभरी कहानी होती है. ऐसा ही कुछ जैकी श्रॉफ के साथ भी है. उन्होंने बताया कि किस तरह जब पैसा नहीं था तब कैसे उनका परिवार साथ था और एक दूसरे की देखभाल करता था. लेकिन जब पैसा आया, बड़ा बंगला बना और किस तरह एक दीवार ने उन्हें अपनी मां से दूर कर दिया. जैकी श्रॉफ ने मां से जुड़ी ये बात एक पुराने वीडियो में सुनाई है और ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब देखा जाता है.

छोटे घर और बड़े घर का अंतर

जैकी श्रॉफ का बचपन मुंबई के तीन बत्ती इलाके की एक छोटी सी चॉल में बीता. पूरा परिवार, मां रीता श्रॉफ, पिता काकूभाई, बड़े भाई हेमंत और जैकी एक ही कमरे में रहते थे. उस कमरे में दीवारें नहीं थीं, इसलिए एक-दूसरे की सांस, खांसी और तकलीफ सबको पता चल जाती थी. जैकी श्रॉफ इस वीडियो में बताते हैं कि जब वे आठ-नौ साल के थे और रात में खांसते थे, तो मां तुरंत जाग जाती थीं और पूछती थीं कि बेटा ठीक तो है. अगर मां खांसतीं, तो भाई और पिता उठकर उनका हालचाल लेते. गरीबी थी, जगह कम थी, लेकिन करीबी बहुत थी.

बाद में जैकी ने मॉडलिंग से फिल्मों में कदम रखा. देव आनंद की फिल्म से शुरुआत हुई और फिर ‘हीरो’ जैसी फिल्मों ने उन्हें स्टार बना दिया. पैसे आए तो परिवार को बड़ा घर दिया गया. बांद्रा में नए घर में सबको अलग-अलग बेडरूम मिले. जैकी को खुशी हुई कि वे मां को एक अलग, आरामदायक कमरा दे पा रहे हैं. लेकिन उसी खुशी के साथ एक दीवार भी आ गई, उनके और मां के बीच.

जैकी श्रॉफ ने बताया कैसे खोया मां को

जैकी श्रॉफ बताते हैं कि एक रात मां को हार्ट अटैक आया. बड़े घर की दीवारों के कारण किसी को पता नहीं चला और वो जा चुकी थीं. उन्होंने कहा, ‘अगर दीवारें न होतीं और मां खांसतीं, तो शायद उन्हें उठाकर अस्पताल ले जाता. पैसे कमा लिए, दीवारें आ गईं बीच में. रिश्ता तो वही था, लेकिन वो नजदीकी चली गई.’

जैकी श्रॉफ अक्सर कहते हैं कि मां को खोना उनके जीवन का सबसे बड़ा नुकसान है. आज भी वे मां की तस्वीर को सूरज दिखाते हैं, क्योंकि मां सुबह सूर्य को प्रणाम करती थीं. इसी का नाम जिंदगी है जो देती भी बहुत कुछ है और लेती भी है. अपनी जिंदगी के इस दर्द को बताते हुए जैकी श्रॉफ की आंखें नम हो जाती हैं.






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