

अमेरिका में भारतीय मूल के एक लैब मालिक को भगोड़ा घोषित किया गया है. उस पर जेनेटिक टेस्टिंग से जुड़े 9.3 करोड़ डॉलर यानी करीब 8.89 अरब रुपये के मेडिकेयर फ्रॉड में शामिल होने का आरोप है. अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग के मुताबिक, 46 साल के खदीर खान मोहम्मद ने अमेरिका के टेक्सास में अपनी लैब के जरिए एक साल से ज्यादा समय तक मेडिकेयर के पास फर्जी क्लेम भेजे. बता दें कि मेडिकेयर अमेरिका सरकार की ओर से चलाया जाने वाला स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम है.
खदीर पर आरोप क्या हैं?
मोहम्मद की टेक्सास के रिचर्डसन में अमेरिकन प्रीमियर लैब्स एलएलसी नाम की लैब थी. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, करीब अगस्त 2023 से अक्टूबर 2024 के बीच उसने दूसरे लोगों को ऐसे मेडिकल क्लेम भेजने के लिए कहा, जिनके लिए पैसे वापस नहीं दिए जाने चाहिए थे. इनमें ऐसे टेस्ट भी शामिल थे, जिन्हें कराने के लिए ऑथोराइज्ड डॉक्टरों ने नहीं कहा था या जिन्हें लैब ने बताए गए तरीके से उपलब्ध नहीं कराया था.
अधिकारियों के मुताबिक, मोहम्मद ने अमेरिकन प्रीमियर लैब्स के जरिए मेडिकेयर को करीब 9.3 करोड़ डॉलर के कथित फर्जी क्लेम भेजे. आंकड़ों के अनुसार, मेडिकेयर ने इन क्लेम पर कम से कम 6.5 करोड़ डॉलर का भुगतान कर दिया. सिर्फ 2023 में 10 दिनों के दौरान ही मेडिकेयर ने संदिग्ध फर्जी क्लेम के बदले करीब 1.3 करोड़ डॉलर का भुगतान किया था.
हैदराबाद में हो सकता है मोहम्मद
विभाग का आरोप है कि कई डॉक्टरों की पहचान का इस्तेमाल इस तरह किया गया, जिससे लैब की ओर से भेजे गए दावे सही और वैध दिखाई दें. अब अमेरिकी अधिकारियों ने मोहम्मद को भगोड़ा घोषित कर दिया है. उनका कहना है कि उन्हें शक है कि वह भारत के हैदराबाद में हो सकता है. इस बीच, स्वास्थ्य विभाग और FBI उसके खिलाफ आपराधिक मामले की जांच कर रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने मोहम्मद के कथित नियंत्रण वाले बैंक अकाउंट से करीब 60 लाख डॉलर पहले ही जब्त कर लिए हैं.





