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गुजरात की खांडवी से लेकर कश्मीर की गुच्छी तक, ब्रिक्स का वेज मेनू देखकर हर्ष गोयनका के मुंह में आया पानी, बोले काश… | From Gujarats Khandvi to Kashmirs Gucchi BRICS Vegetarian Feast Leaves Harsh Goenka Impressed



ब्रिक्स समिट के दौरान परोसे गए खाने को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है. इस समिट के गाला डिनर में दुनिया भर से आए मेहमानों को पूरी तरह से शुद्ध शाकाहारी खाना परोसा गया था. इस बात पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सवाल उठाया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर एक लंबी बहस छिड़ गई. राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा था कि रिकॉर्ड के लिए बता दें कि 80 प्रतिशत भारतीय नॉन-वेजिटेरियन हैं और भारतीय नॉन-वेज खाना बहुत स्वादिष्ट होता है. इस विवाद के बीच देश के जाने-माने उद्योगपति हर्ष गोयनका ने खुलकर अपना पक्ष रखा है और आलोचकों को करारा जवाब दिया है.

​हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि ब्रिक्स समिट में शाकाहारी मेनू पर परोसे जाने की आलोचना क्यों की जा रही है. उन्होंने भारत की शाकाहारी संस्कृति की तारीफ करते हुए कहा कि दुनिया में सबसे बेहतरीन और अमीर शाकाहारी खाना अगर कहीं का है, तो वह भारत का है. ऐसे में हमें अपनी इस खूबी को दुनिया के सामने जरूर दिखाना चाहिए. गोयनका ने यह भी कहा कि यह कोई आम वेज खाना नहीं था, बल्कि इसमें देश के कोने-कोने के चुनिंदा और शाही पकवान शामिल थे. उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी लिखा कि काश उन्हें भी इस शानदार डिनर में बुलाया जाता.

यहां देखें पोस्ट- 

ब्रिक्स डिनर में क्या था खास-

  • ​इस खास डिनर में मेहमानों के लिए 10 से ज्यादा लजीज डिश परोसी गई थीं. शुरुआत स्टारटर्स से हुई जिसमें गुजरात की मशहूर खांडवी और अवध के मुशरूम गालौती कबाब शामिल थे. इसके साथ ही पुदीने के स्वाद वाली चीजें भी थीं. 
  • मेन कोर्स में देश के अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक स्वादों का जादू देखने को मिला. इसमें पनीर लबाबदार, हिमालयन मशरूम यानी गुच्छी से बनी डिश, और साउथ इंडियन स्टाइल की कैरट बीन पोरियल परोसी गई. इसके अलावा टमाटर और दाल का सूप, मिलेट पुलाव, चुकंदर का रायता और कई तरह की भारतीय रोटियां भी खाने की टेबल पर मौजूद थीं.
  • ​खाने के बाद मीठे यानी डेजर्ट की बात करें तो मेहमानों के लिए पुरानी दिल्ली की मशहूर फ्रूट क्रीम के साथ गरमा-गरम जलेबी परोसी गई. इसके साथ ही शहतूत की बनी फिरनी ने भी विदेशी मेहमानों का दिल जीत लिया. इस पूरे मेनू को देखकर साफ है कि भले ही इस पर सियासत गरमाई हो, लेकिन खाने की थाली में भारत की सांस्कृतिक और क्षेत्रीय विविधता पूरी तरह से झलक रही थी.

​सोशल मीडिया पर इस वेज मेनू को लेकर लोग दो गुटों में बंट गए हैं. एक तरफ जहां कुछ लोग इसे भारत की समृद्ध संस्कृति को दिखाने का सही मौका मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग नॉन-वेज न होने पर सवाल खड़े कर रहे हैं. हालांकि, हर्ष गोयनका के इस बयान के बाद शाकाहारी खाने की इस थाली की चर्चा देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी हो रही है. इस तरह के आयोजनों के जरिए भारत अपने खान-पान की विविधता को पूरी दुनिया के सामने गर्व के साथ पेश कर रहा है.

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