
नई दिल्ली:
दिल्ली के सत्य निकेतन के पास एक बिल्डिंग गिरी है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के दबे होने की संभावना है. घटना की जानकारी मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंच गई हैं और मलबे को हटाने का काम शुरू किया गया है. मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ भी जमा है. बताया जा रहा है कि हादसा करीब 1 बजकर 30 मिनट के आसपास हुआ. घटना के बाद आसपास की इमारतों को भी खाली करा लिया गया है. बताया जा रहा है कि इस बिल्डिंग में एक हॉस्टल संचालित किया जा रहा था. जिससे मलबे में छात्रों के दबे होने की संभावना है. घटना की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली के सीनियर अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं.
Updates :-
- मलबे से निकालकर तीन लोगों को अस्पताल ले जाया गया है. तीनों मरीज ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं. सभी की हालत गंभीर है.
- भीड़ को कंट्रोल करने के लिए RAF बुलाया गया है. वहीं इमरजेंसी व्हीकल को निकालने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है.
- 10-15 लोग लंबे वीकेंड पर बाहर गए हुए थे. बिल्डिंग की क्षमता लगभग 50 लोगों की थी. इसलिए, मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, फंसे हुए लोगों की संख्या 30 के आसपास है.
- शुरुआती जानकारी के मुताबिक ये करीब 75 बेड का पीजी था. यहां एक छात्र का किराया 15 हजार रुपये था.
बिल्डिंग में चल रहा था हॉस्टल
दिल्ली की इस बिल्डिंग में एक हॉस्टल संचालित था, ऐसे में बिल्डिंग गिरने से बच्चों के दबे होने की संभावना है. जिन्हें निकालने का काम शुरू हो गया है. हालांकि कितने बच्चे यहां फंसे हो सकते हैं, इसको लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता है. घटना की कई तस्वीरें भी सामने आई हैं. जिसमें बिल्डिंग गिरने के बाद स्थानीय लोग भी रेस्क्यू में जुटे हुए हैं. एक युवक को मलबे से बाहर निकाला गया है.

दिल्ली का रिहायशी इलाका
यह दिल्ली का रिहायशी इलाका माना जाता है. जहां पर कई शैक्षणिक संस्थान होने की वजह यहां पीजी और हॉस्टल चलते थे. जो बिल्डिंग गिरी है, उसमें भी एक हॉस्टल संचालित किया जा रहा था. ऐसे में जैसे ही बिल्डिंग गिरी तो आसपास के लोग तुरंत मौके पर जमा हो गए और रेस्क्यू में मदद शुरू कर दी है. यह इमारत साउथ कैंपस के सत्य निकेतन के पास बनी हुई थी. जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों के दबे होने की संभावना है. यह इमारत दिल्ली विश्वविद्यालय के बिल्कुल पास में बनी हुई है. ऐसे में इस बिल्डिंग में बड़ी संख्या में छात्रों के रहने की जानकारी सामने आ रही है.

जिस तरह से बिल्डिंग गिरने की शुरुआती तस्वीरें सामने आ रही है. उससे यह बड़ा हादसा लग रहा है. बिल्डिंग में बड़ी संख्या में छात्रों के रहने की संभावना जताई जा रही है. घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है. लेकिन यह लापरवाही का बड़ा मामला माना जा रहा है.
गुरुग्राम में रहता है बिल्डिंग का मालिक
बताया जा रहा है कि इस बिल्डिंग का मालिक गुरुग्राम में रहता है. जिसके बारे में दिल्ली पुलिस और जानकारी जुटाने में लगी है. वहीं घटना पर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करते दुख जताया है. उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी रखने के निर्देश प्रशासन के अधिकारियों को दिए हैं. सीएम ने लिखा कि वह खुद हादसे पर नजर बनाए हुए हैं.
6 मंजिला इमारत होने की जानकारी
दिल्ली के सत्य निकेतन के पास यह जो इमारत गिरी है. वह 6 मंजिला थी. जिसके एक-एक कमरे में कई छात्रों के रहने की संभावना है. घटना के बाद मौके से एक युवक का रेस्क्यू भी किया गया है. आसपास का पूरा इलाका कंजेस्ट्ट था. आसपास बड़ी संख्या में इमारते एक दूसरे से सटाकर बनाई गई थी. ऐसे में जैसे ही बिल्डिंग गिरी तो कुछ देर के लिए पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. पूरी बिल्डिंग को हॉस्टल बनाकर ही संचालित किया जा रहा था.
#BreakingNews | दिल्ली के सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत ढही, इमारत में हॉस्टल होने की जानकारी आई सामने
ख़बर से जुड़ी अन्य जानकारी दे रहे हैं @DivyankarTiwari#Delhi #BuildingCollapsed | @manogyaloiwal pic.twitter.com/vrFnQH3fum
— NDTV India (@ndtvindia) September 6, 2026
हादसे के बाद अफरा-तफरी का माहौल
दिल्ली के सत्य निकेतन के पास यह बिल्डिंग गिरने के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बिल्डिंग गिरने की कुछ तस्वीरे भी सामने आई हैं. घटना के बाद इलाके की बिजली सप्लाई भी रोक दी गई है. क्योंकि बिल्डिंग गिरने की वजह से आसपास के पोल भी गिर गए. ऐसे में इस स्थिति में तुरंत बिजली सप्लाई को बंद कर दिया गया है. यह बिल्डिंग पुरानी बताई जा रही है. जैसे ही बिल्डिंग गिरी तो दूर तक धूल का गुबार ही गुबार दिख रहा था.
कुछ बच्चों का रेस्क्यू
घटना के बाद स्थानीय विधायक अनिल शर्मा भी मौके पर पहुंच गए हैं. उन्होंने बताया कि बिल्डिंग गिरने से कई छात्र इसमें दबे हुए हैं. लेकिन फिलहाल छात्रों की पूरी संख्या बताना मुश्किल है. लेकिन घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है. अब तक कुछ छात्रों को बाहर निकाला गया है. जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
ये वीडियो भी देखिए
रेड़ी वाले भी नीचे दबे
स्थानीय लोग भी रेस्क्यू में जुटे हुए हैं. स्थानीय लोगों ने यहां लापरवाही का आरोप भी लगाया है. 12 से ज्यादा दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं. बिल्डिंग को पुराना बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कुछ रेड़ी वाले भी बिल्डिंग के नीचे थे, जो मलबे में दब गए हैं. जेसीबी की मशीन को मलबा हटाने की वजह से मौके पर बुलाया गया है. यहां मलबा हटाया जाना शुरू हो गया है. हालांकि यहां की संकरी गलियों से जेसीबी मशीन को निकालना में भी आसान नहीं है.
सात से आठ लोग निकाले गए
घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया जा रहा है. जहां सात से आठ लोगों को निकाला गया है. मौके पर एंबुलेंस भी तैनात हैं, जहां घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा जा रहा है. ताकि समय से इलाज शुरू किया जा सके. यह पूरा इलाका आरकेपुरम में आता है, यहां के स्थानीय विधायक अनिल शर्मा मौके पर मौजूद हैं. जबकि सैकड़ों की संख्या में लोग रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं.
ये वीडियो भी देखिए
20 से 22 लोगों के फंसे होने की संभावना
घटना के बाद लोकल पुलिस स्टॉफ, फायर, एंबुलेंस और NDRF की टीम भी मौके पर पहुंच गई है. जहां रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया है. बिल्डिंग इतनी भरभराकर गिरी है कि पूरा हिस्सा ही मलबे में तब्दील हो गया है. स्थानीय लोग हाथों से ही मलबा हटा रहे हैं. बताया जा रहा है कि फिलहाल इमारत में 20 से 22 लोगों के फंसे होने की संभावना है.
खास बात यह है कि रविवार का दिन होने की वजह से ज्यादातर छात्रों के बिल्डिंग में होने की ही संभावना जताई जा रही है. जबकि सुबह से बारिश का दौर भी जारी था. ऐसे में सबके बिल्डिंग में होने की संभावना है. बताया जा रहा है कि बिल्डिंग के बैसमेंट में काम चल रहा था, ऐसे में कुछ मजदूरों के दबे होने की भी संभावना है.
ये भी पढे़ंः Delhi Building Collapse LIVE: दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरी, कई लोगों के दबे होने की सूचना





