

Janmashtami 2026 Krishna Mantra: जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव देशभर में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भक्ति, प्रेम और आस्था का सबसे पावन पर्व है. जब भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि आती है, तो हर गली, हर घर और हर मंदिर में ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ गूंजने लगता है. इस साल जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को पड़ रही है. इस अवसर पर भगवान के अलग-अलग स्वरूपों जैसे शालिग्राम, लड्डू गोपाल और राधा-कृष्ण स्वरूप की विधिवत पूजा होती है. जन्माष्टमी पर भक्त व्रत भी रखते हैं. पूजन के साथ-साथ कई लोग मंत्रों का जाप भी करते हैं. चलिए आपको बताते हैं श्री कृष्ण के ऐसे मंत्र जो जीवन में सकरात्मकता का संचार करते हैं.
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीनन्दनाय नमः
‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीनन्दनाय नमः’ का जाप करने से आस-पास सकारात्मकता बनी रहती है. इसके साथ ही यह धन-समृद्धि, संतान, सुख और जीवन में चल रही किसी भी प्रकार की बाधा से निकलने में मदद मिलती है.
कृं कृष्णाय नमः
‘कृं कृष्णाय नमः’ मंत्र भगवान श्री कृष्ण का मूलमंत्र है. यह “कृं” बीज मंत्र और “कृष्णाय नमः” से मिलकर बना है. “कृं” बीज मंत्र भगवान कृष्ण का प्रतिनिधित्व करता है और “कृष्णाय नमः” का अर्थ है “भगवान कृष्ण को नमस्कार”. मान्यता है कि इस मंत्र का 108 बार जाप करने से जीवन में चल रही बाधाएं कम होने लगती हैं. साथ ही, सुख-समृद्धि और बाधाएं कम होने लगती हैं.
गोकुल नाथाय नमः
‘गोकुल नाथाय नमः’ आठ अक्षर का मंत्र है. ऐसा कहा जाता है कि इस मंत्र का जाप करने वाले साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.
क्लीं ग्लौं क्लीं श्यामलांगाय नमः
‘क्लीं ग्लौं क्लीं श्यामलांगाय नमः’ मंत्र आर्थिक स्थिति को सुधारने में मदद करता है. कहा जाता है कि इसका प्रयोग जो भी साधक करता है उसे संपूर्ण सिद्धियों की प्राप्ति होती है. यह मंत्र आर्थिक स्थिति को न केवल ठीक करता है, बल्कि उसमें तेजी से वृद्धि लाता है.
ॐ नमो भगवते श्रीगोविन्दाय
‘ॐ नमो भगवते श्रीगोविन्दाय’ मंत्र का जाप करने से विवाह से संबंधित समस्याओं के निदान का मार्ग प्रशस्त होता है, लेकिन अगर किसी कारण से ऐसा नहीं हो रहा है, तो वे प्रातः काल में स्नान के बाद ध्यानपूर्वक इस मंत्र का 108 बार जाप करें. कुछ ही दिनों में उन्हें चमत्कारी फल प्राप्त होगा.
गोवल्लभाय स्वाहा
‘गोवल्लभाय स्वाहा’ मंत्र में सात अक्षर बेहद महत्वपूर्ण हैं. कहा जाता है कि इस मंत्र के उच्चारण के समय एक भी अक्षर सही से नहीं पढ़ा जाए, तो इस मंत्र का असर खत्म हो जाता है.
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने. प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने. प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः यह भगवान श्रीकृष्ण के शक्तिशाली मंत्रों में से एक है. इस मंत्र में वासुदेव के पुत्र को प्रणाम करते हैं और सभी तरह के क्लेशों का नाश करने के लिए विनती करते हैं.
घर पर जन्माष्टमी पूजा विधि
- सफाई और संकल्प- सुबह जल्दी स्नान करके साफ कपड़े पहनें. मंदिर की सफाई करें और व्रत या पूजा का संकल्प लें.
- अभिषेक- लड्डू गोपाल की मूर्ति को पहले गंगाजल, फिर पंचामृत से स्नान कराएं. इसके बाद शुद्ध जल से स्नान कराकर साफ वस्त्र पहनाएं.
- श्रृंगार- भगवान को सुंदर वस्त्र, बांसुरी, मुकुट और चंदन का तिलक लगाएं. इसके बाद उन्हें झूले या आसन पर विराजमान करें.
- भोग- माखन-मिश्री, पंजीरी, खीर या ताजे फल का भोग लगाएं. ध्यान रखें कि हर भोग में तुलसी का पत्ता जरूर रखें.
- आरती और पूजन- धूप-दीप जलाकर गणेश जी और भगवान श्री कृष्ण की आरती करें. रात को बारह बजे यानी जन्मोत्सव के समय विशेष रूप से शंख या घंटी बजाकर उत्सव मनाएं.
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