
भिंड जिले की लहार तहसील में पदस्थ रहे पटवारी विजय शंकर दुबे की विदाई का अंदाज चर्चा में आ गया. करीब 40 साल तक राजस्व विभाग में सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए विजय शंकर दुबे को ऐसी भव्य विदाई दी गई, जिसे देखकर लोग भी हैरान रह गए. सामान्य तौर पर सरकारी कर्मचारियों की विदाई समारोह तक सीमित रहती है, लेकिन यहां विदाई के बाद नगर में बाकायदा भव्य जुलूस निकाला गया.
विदाई को यादगार बनाने निकाला जुलूस
लहार तहसील परिसर में पहले पटवारी विजय शंकर दुबे का औपचारिक विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया. इस दौरान तहसील के कर्मचारियों और नगरवासियों ने उन्हें सम्मानित कर उनके लंबे सेवाकाल को याद किया. इसके बाद उनकी विदाई को यादगार बनाने के लिए नगर में जुलूस निकाला गया. जुलूस में करीब 200 गाड़ियां शामिल हुईं. विजय शंकर दुबे खुद थार गाड़ी में सवार होकर इस काफिले के साथ नगर में निकले. थार के आगे और पीछे वाहनों का लंबा काफिला दिखाई दिया.

bhind lahar patwari vijay shankar dubey retirement: लोगों ने जगह-जगह किया स्वागत.
लोगों ने फूल-मालाओं से किया स्वागत
मुख्य बाजार से जुलूस गुजरने के दौरान स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया. कई जगह पुष्प वर्षा कर उन्हें सम्मान दिया गया. विदाई समारोह का नजारा कुछ ऐसा रहा कि मानो किसी जनप्रतिनिधि का स्वागत किया जा रहा हो. फूल-मालाओं, पुष्प वर्षा और वाहनों के लंबे काफिले के बीच विजय शंकर दुबे की विदाई ने पूरे नगर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. बाजार से गुजरते काफिले को देखने के लिए लोग भी सड़कों पर नजर आए.
सेवानिवृत्त पटवारी बोले- ये जनता का प्रेम
बताया जा रहा है कि तहसील के कर्मचारियों और नगरवासियों की ओर से यह सम्मान समारोह आयोजित कराया गया था. विजय शंकर दुबे ने राजस्व विभाग में करीब चार दशक तक सेवाएं दीं. लंबे समय तक अपनी सेवाएं देने के बाद जब वे सेवानिवृत्त हुए तो सहकर्मियों और नगरवासियों ने उन्हें अलग अंदाज में सम्मान देकर विदाई दी. सेवानिवृत्त पटवारी दुबे इसे जनता का प्रेम बताया, उनका कहना है कि उन्होंने नौकरी के दौरान कभी किसी को परेशान नहीं किया.





